Gaya News(कंचन कुमार सिन्हा): तीर्थनगरी गया में मौसम की बेरुखी और सूरज की तल्खी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. सोमवार का दिन इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। चिलचिलाती धूप के साथ चली प्रचंड हीटवेव (लू) के कारण दोपहर में ऐसा लगा मानो आसमान से आग बरस रही हो. लोग गर्मी और उमस से इस कदर बेहाल दिखे कि घरों में चल रहे कूलर भी फेल साबित हुए, सिर्फ एसी (Air Conditioner) वाले घरों में ही थोड़ी राहत महसूस की गई.
सामान्य से 5 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा, शाम तक चलते रहे गर्म थपेड़े
मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को गया का अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक है. वहीं, न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
सुबह की शुरुआत होते ही तीखी धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था और दोपहर होते-होते कहर बरपाने वाली गर्म हवा के थपेड़ों ने स्थिति को बेहद तल्ख कर दिया. दोपहर के वक्त शहर की मुख्य सड़कें और बाजार पूरी तरह सूने नजर आए. जो इक्के-दुक्के लोग सड़कों पर निकले भी, वे खुद को पूरी तरह सूती कपड़ों से ढककर और चेहरे को गमछे या स्कार्फ से लपेटकर लू से बचते नजर आए. गर्म हवा का यह सितम सिर्फ दोपहर तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शाम छह बजे तक गर्म हवाएं चलती रहीं. इसके बाद ही चौक-चौराहों पर थोड़ी चहल-पहल देखी गई.
बीते 10 वर्षों का इतिहास: 2024 में टूटा था 16 साल का रिकॉर्ड
गया में मई महीने के दौरान हमेशा से ही गर्मी का रौद्र रूप देखने को मिलता रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 16 वर्षों में 29 मई 2024 गया के इतिहास का सबसे ‘हॉट डे’ (सबसे गर्म दिन) रहा था, जब पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया था.
पिछले 10 वर्षों में मई महीने का अधिकतम तापमान:
| वर्ष और तिथि | अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) |
| 18 मई 2016 | 44.5°C |
| 21 मई 2017 | 44.2°C |
| 26 मई 2018 | 44.6°C |
| 10 मई 2019 | 44.9°C |
| 26 मई 2020 | 45.8°C |
| 16 मई 2021 | 41.3°C |
| 15 मई 2022 | 45.6°C |
| 21 मई 2023 | 43.3°C |
| 29 मई 2024 (16 वर्षों का रिकॉर्ड) | 47.4°C |
| 17 मई 2025 | 43.1°C |
| 18 मई 2026 (आज का तापमान) | 44.6°C |
स्कूली बच्चों और फुटपाथी दुकानदारों पर टूटा आफत का पहाड़
इस भीषण गर्मी और हीटवेव का सबसे दर्दनाक असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला. दोपहर में जब स्कूलों से छुट्टी हुई, तो बच्चों को तपती बसों के भीतर लंबा समय बिताना पड़ा. शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम और रूट के चक्कर में बच्चे एक से दो घंटे तक बसों में ही फंसे रहे, जिससे कई मासूम पानी के लिए तड़पते और परेशान दिखाई दिए.
इसके अलावा, पेट की आग बुझाने के लिए सड़क किनारे दुकान लगाने वाले फुटपाथी दुकानदारों की रोजी-रोटी पर भी इस मौसम ने मार की है. भीषण धूप के कारण ग्राहक नदारद रहे, जिससे दुकानदार अपनी दुकानें छोड़-छोड़कर आस-पास के पेड़ों और शेड की छांव में बैठने को मजबूर हो गए.
पशु-पक्षी भी त्रस्त, छांव की तलाश में दिखे मवेशी
गर्मी का यह सितम केवल इंसानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षी भी इससे बुरी तरह कराह रहे हैं. शहर के विभिन्न इलाकों में आवारा मवेशी और पक्षी पानी की तलाश में नालियों के पास या जहां भी थोड़ा पानी जमा था, वहां बैठे दिखाई दिए. अधिकांश जानवर धूप से बचने के लिए पेड़ों की छांव के नीचे दुबके नजर आए. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक गया वासियों को इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.
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