रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट गया की टीम ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत मंगलवार को गया रेलवे स्टेशन परिसर से दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है. रेस्क्यू किए गए दोनों बच्चों को बाद में विधिवत रूप से रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया.
आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उपनिरीक्षक धीरेंद्र कुमार, सहायक उपनिरीक्षक अक्षयवर सिंह, आरक्षी श्रीराम कुमार और आरक्षी दिनेश कुमार की टीम रेलवे स्टेशन क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही थी. इसी दौरान गश्त के क्रम में प्लेटफॉर्म संख्या एक के मिडिल एफओबी (FOB) के पास दो बच्चे काफी डरे-सहमे अवस्था में बैठे हुए मिले.
पूछताछ में सामने आई बच्चों की पहचान
पुलिस द्वारा जब दोनों बच्चों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपनी उम्र आठ और ग्यारह वर्ष बताई. पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों बच्चे पूर्वी चंपारण जिले के फेनहारा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. बच्चों ने पुलिस को बताया कि वे अपने परिजनों को बिना बताए और बिना किसी सूचना के घर से निकलकर ट्रेन से सीधे गया रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे.
आरपीएफ की टीम ने दोनों बच्चों को पूरी सुरक्षा के साथ रेस्क्यू किया और उन्हें अपने साथ सुरक्षित आरपीएफ पोस्ट गया ले आई. यहां उनकी विधिवत काउंसलिंग की गई, ताकि उनके परिजनों और घर का पता लगाया जा सके.
चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा गया
इसकी सूचना तुरंत रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को दी गई, जिसके बाद हेल्प डेस्क के सुपरवाइजर सावन कुमार और केसवर्कर रेखा कुमारी तुरंत आरपीएफ पोस्ट पहुंचे. इसके पश्चात उपनिरीक्षक धीरेंद्र कुमार ने दोनों बच्चों को आगे की आवश्यक और अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया.
