गया जी. गया रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को आरपीएफ ने एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़के को रेस्क्यू किया. प्लेटफॉर्म संख्या एक के हावड़ा छोर पर गश्त के दौरान आरपीएफ जवानों की नजर डरे-सहमे बच्चे पर पड़ी. पूछताछ के बाद उसे रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द कर दिया गया.
गश्त के दौरान आरपीएफ जवानों की पड़ी नजर
आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि ड्यूटी अधिकारी उनि अजय तिग्गा, सउनि प्रमोद कुमार और आरक्षी दिनेश कुमार प्लेटफॉर्म संख्या एक के हावड़ा छोर पर गश्त कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें एक बच्चा अकेला और परेशान हालत में दिखाई दिया. जवानों ने उससे बातचीत कर पूरी जानकारी ली.
घर से नाराज होकर ट्रेन से पहुंचा गया
पूछताछ में बच्चे ने बताया कि वह रोहतास जिले के अमझोर थाना क्षेत्र का रहने वाला है. घर में अक्सर भाभी द्वारा डांटे जाने से नाराज होकर वह 31 अगस्त को घर से निकल गया था. इसके बाद वह डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन पकड़कर रात में गया रेलवे स्टेशन पहुंचा.
बैग में मिलीं कॉपी और किताबें
नाबालिग के पास काले रंग का एक बैग था. बैग में उसकी कॉपी और किताबें मिलीं. बच्चे ने बताया कि वह एक निजी स्कूल में कक्षा का छात्र है. आरपीएफ ने बच्चे से उसके घर और परिजनों से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त की.
रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा गया बच्चा
बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ ने उसे रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क, गया के केस वर्कर आकाश कुमार को सकुशल सौंप दिया. इसके बाद चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम ने बच्चे की देखरेख और आगे की प्रक्रिया शुरू की.
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत हुई कार्रवाई
आरपीएफ की यह कार्रवाई ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत की गई. अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसर और ट्रेनों में अकेले या संकट की स्थिति में मिले बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित सहायता उपलब्ध कराना है. आरपीएफ की सतर्कता से नाबालिग को समय रहते सुरक्षित संरक्षण मिल सका.
