Gaya Pitru Paksha Mela 2026 : आगामी पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को गया जी स्थित सीता कुंड का निरीक्षण किया, जिसके दौरान उन्होंने सीता कुंड घाट, सीता कुंड द्वार और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, श्रद्धालुओं के आवागमन और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया.
सीता कुंड की पौराणिक महत्ता और धार्मिक विरासत
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सीता कुंड गया जी की प्राचीन धार्मिक व आध्यात्मिक विरासत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है, क्योंकि सनातन परंपरा में गया को पितरों के मोक्ष की पावन भूमि माना गया है, जहां भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता ने आकर राजा दशरथ सहित अपने पितरों का पिंडदान व तर्पण किया था.
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना
फल्गु नदी के तट पर स्थित सीता कुंड देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां पिछले वर्ष पितृ पक्ष मेला के दौरान 20 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों के आगमन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है.
स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल और सुरक्षा पर जोर
विधानसभा अध्यक्ष ने सीता कुंड घाट और द्वार की विशेष साफ-सफाई, आसपास स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल, सुरक्षा, यातायात और आवागमन की व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने पर जोर दिया, तथा जिला प्रशासन, नगर निगम और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने का निर्देश दिया ताकि मेला पूरी तरह श्रद्धालु-अनुकूल हो सके.
पर्यटन और तीर्थ स्थलों के संरक्षण की आवश्यकता
उन्होंने सीता कुंड जैसे प्राचीन तीर्थ स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ उनके धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया, जिस दौरान मोहन लाल शर्मा, उमा शंकर, धीरेंद्र धीरू, राजा पांडेय व रंजन चंद्रवंशी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे.
