चित्तौखर में मिला ‘चमत्कारी’ शिव पंचायतन बना आस्था का केंद्र! दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Gaya News: चित्तौखर ग्राम में आहर की उड़ाही के दौरान मिली प्राचीन और दुर्लभ शिव पंचायतन प्रतिमा अब पूरे इलाके में आस्था और आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गई है. प्रतिमा मिलने की खबर फैलते ही आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है.

Gaya News: चित्तौखर ग्राम में आहर की उड़ाही के दौरान मिली प्राचीन और दुर्लभ शिव पंचायतन प्रतिमा अब पूरे इलाके में आस्था और आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गई है. प्रतिमा मिलने की खबर फैलते ही आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है. लगातार दूसरे दिन भी घटनास्थल पर पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला जारी रहा. ग्रामीण अब इस ऐतिहासिक प्रतिमा के संरक्षण के लिए गांव में भव्य मंदिर निर्माण की तैयारी में जुट गए हैं.

दुर्लभ प्रतिमा के दर्शन को उमड़ रही भारी भीड़

चित्तौखर गांव में मिली शिव पंचायतन प्रतिमा को देखने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है. गांव में श्रद्धा और कौतूहल का माहौल बना हुआ है. लोग फूल, बेलपत्र और पूजा सामग्री लेकर भगवान शिव की आराधना कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिमा के दर्शन के बाद इलाके में धार्मिक माहौल और भी गहरा हो गया है.

गांव में बनेगा भव्य मंदिर

प्रतिमा मिलने के बाद ग्रामीणों की एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस दुर्लभ शिव पंचायतन प्रतिमा के लिए गांव में ही एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा. बैठक में विजय नारायण सिंह, विक्की कुमार, विश्वनाथ कुमार, दीना पासवान, मनोज कुमार, श्रीकांत प्रसाद, काली चरण, सुनील कुमार और मनीष कुमार समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे. सभी ने मंदिर निर्माण में हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया.

केसपा से जुड़ रहे इतिहास के तार

इस दुर्लभ शिव पंचायतन प्रतिमा में शिवलिंग के नीचे भगवान विष्णु, सूर्य देव, गणेश और शक्ति स्वरूपा देवी की आकृतियां उकेरी गई हैं. सबसे खास बात यह है कि सूर्य देव के दोनों ओर कमल पुष्प अंकित हैं और उन्हें पद्म धारण किए हुए दर्शाया गया है. ग्रामीणों का दावा है कि ऐसी ही सूर्य प्रतिमा केसपा ग्राम स्थित प्रसिद्ध मां तारा नगरी में भी स्थापित है. इससे इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता और बढ़ गई है.

इतिहासकारों और शोधकर्ताओं की बढ़ी दिलचस्पी

ग्रामीणों का मानना है कि यह प्रतिमा क्षेत्र के प्राचीन इतिहास से जुड़े कई रहस्यों को उजागर कर सकती है. लोगों ने पुरातत्व विभाग और इतिहासकारों से इस प्रतिमा पर गहन शोध कराने की मांग की है, ताकि इसके ऐतिहासिक महत्व को दुनिया के सामने लाया जा सके.

बदहाल सड़क बनी श्रद्धालुओं की परेशानी

एक ओर जहां चित्तौखर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर जर्जर सड़क लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि केसपा-टिकारी मार्ग से चित्तौखर जाने वाली सड़क पूरी तरह बदहाल हो चुकी है. इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

सड़क मरम्मत की उठी मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चित्तौखर जाने वाली सड़क की जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि इस नए विकसित हो रहे धार्मिक स्थल तक श्रद्धालुओं को पहुंचने में कोई परेशानी न हो. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क नहीं बनी तो आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के कारण हालात और गंभीर हो सकते हैं.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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