शेरघाटी में 10 महीने से स्वच्छता कर्मियों को नहीं मिला है मानदेय, आर्थिक संकट से परिवार चलाना हुआ मुश्किल

Gaya News: प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में कार्यरत स्वच्छता कर्मी इन दिनों भारी परेशानियों से जूझ रहे हैं. करीब दस माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण कर्मियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

Gaya News: (शेरघाटी नवीन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट)

प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में कार्यरत स्वच्छता कर्मी इन दिनों भारी परेशानियों से जूझ रहे हैं. करीब दस माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण कर्मियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. इसके बावजूद वे नियमित रूप से वार्डों में सफाई और कचरा संग्रहण का कार्य कर रहे हैं.

बिना वेतन के परिवार चलाना हुआ मुश्किल

चेरकी पंचायत के स्वच्छता कर्मियों ने बताया कि वर्ष 2024 का मानदेय अब तक नहीं मिला है. पंचायत के 15 वार्डों में लगातार सफाई कार्य कराया जा रहा है, लेकिन भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट गहरा गया है. वार्ड 12 खंडेल के कामदेव पासवान, वार्ड 9 पठान टोली के प्रवेश मांझी, वार्ड 5 दरियापुर के शिवकुमार रविदास और वार्ड 6 विशुनपुरा के कुलेंद्र चौधरी ने कहा कि महंगाई के इस दौर में बिना वेतन परिवार चलाना बेहद कठिन हो गया है.

रोज 100 रुपये मानदेय तय

स्वच्छता कर्मियों का कहना है कि प्रतिदिन 100 रुपये मानदेय तय किया गया है, लेकिन उसका भी नियमित भुगतान नहीं हो रहा है. कई महीनों से बकाया भुगतान के कारण कर्मियों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है.

बिना दस्ताना और मास्क के कर रहे सफाई

कर्मियों ने बताया कि सफाई कार्य के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. दास्ताना, जूता, मास्क और अन्य सेफ्टी किट के अभाव में उन्हें जोखिम उठाकर काम करना पड़ रहा है. वहीं कचरा संग्रहण के लिए प्लास्टिक डब्बों की भी भारी कमी है.

महिला कर्मियों ने बताई परेशानी

डब्ल्यूपीयू केंद्र में कार्यरत मुनुरवा देवी और सुगंती देवी ने बताया कि केंद्र पर पानी और बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है. महिला कर्मियों को शौचालय और बाथरूम इस्तेमाल करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पीने के पानी की समस्या अलग बनी हुई है.

कचरा उठाव व्यवस्था भी हुई प्रभावित

चेरकी पंचायत के सुपरवाइजर उज्ज्वल वर्मा ने बताया कि चार ठेले खराब पड़े हैं और मरम्मत नहीं होने के कारण सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि फिलहाल यहां से कचरा प्रखंड तक नहीं भेजा जा रहा है, क्योंकि वहां भी कार्य बाधित है. प्रखंड के अधिकांश पंचायतों में कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है. इधर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर स्वच्छता कृतिका कुमारी ने बताया कि सेफ्टी किट और ठेला मरम्मत की मांग को लेकर विभाग को पत्र भेजा गया है. विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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