Gaya News : युवा पीढ़ी के भविष्य को लेकर शिक्षा और कौशल विकास पर जोर : कुलपति

Gaya News : राजस्थान के बीकानेर में आयोजित ऑल इंडिया पॉलिटिकल साइंस एसोसिएशन के 61वें राष्ट्रीय सम्मेलन में मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एसपी शाही ने राजनीति विज्ञान और भारत के विकास की दिशा में किये जा रहे प्रयासों पर वक्तव्य दिया.

बोधगया. राजस्थान के बीकानेर में आयोजित ऑल इंडिया पॉलिटिकल साइंस एसोसिएशन के 61वें राष्ट्रीय सम्मेलन में मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एसपी शाही ने राजनीति विज्ञान और भारत के विकास की दिशा में किये जा रहे प्रयासों पर वक्तव्य दिया. उन्होंने कहा कि राजनीति विज्ञान केवल एक विषय नहीं, यह जन सामान्य से जुड़ा विषय है. प्रो शाही ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति विज्ञान अब सिर्फ एक अकादमिक विषय नहीं रह गया है, बल्कि इसे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग दृष्टिकोणों से देखा जा रहा है. उन्होंने अमेरिका और भारत के बीच इस विषय को देखने के दृष्टिकोण में अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि अमेरिका में जहां इसे विज्ञान के रूप में देखा जाता है, वहीं भारत में इसे मानविकी और सामाजिक विज्ञान के रूप में ज्यादा समझा जाता है. उन्होंने कहा कि राजनीति विज्ञान सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ विषय है व आज के परिवेश में यह विषय निरंतर नये रूप ले रहा है. प्रो शाही ने कहा कि भारत की नयी उड़ान में विकसित भारत 2047 का बहुत बड़ा योगदान होने वाला है, जिसका उद्देश्य भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है.

भारत का योगदान लोकतंत्र को स्थापित करने में अद्वितीय

उन्होंने कहा कि भारत अपने प्रत्येक नागरिक के लिए समान अवसर और संसाधन उपलब्ध करा रहा है. विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान है, ताकि युवा पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके. उद्योग और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए भारत औद्योगिक रूप से अग्रणी बनता जा रहा है. प्रो शाही ने भारत के लोकतंत्र की उत्कृष्टता की भी सराहना की, जिसमें भारत ने अपने पड़ोसी देशों को भी प्रोत्साहित किया है. उन्होंने कहा कि भारत का योगदान लोकतंत्र को स्थापित करने और इसके प्रसार में अद्वितीय रहा है. अंत में प्रो शाही ने सम्मेलन के आयोजकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज और शिक्षाविदों को समसामयिक मुद्दों और सिद्धांतों पर गहन विचार-विमर्श करने का अवसर मिलता है, जो नवाचार को प्रोत्साहित करता है. इस सम्मेलन में देशभर से आये शिक्षाविद, शोधकर्ता और राजनीति विज्ञान के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिससे यह आयोजन और भी सफल हुआ.

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