Gaya News: गया में कॉल सेंटर की आड़ में चलता था बड़ा खेल, पुलिस ने 35 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया

Gaya News: बिहार के गया में पुलिस में 35 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया है. आरोप है कि ये सभी लोग कॉल सेंटर के आरोप में साइबर फ्रॉड का काम करते थे.

Gaya News: गया शहर के रामपुर थाना क्षेत्र में मिर्जा गालिब कॉलेज के पास पुलिस ने 35 लोगों को गिरफ्तार किया है.इस इलाके में एक मकान को कुछ लोगों ने रेंट पर ले रखा था. हर दिन यहां युवक-युवतियां आते थे. आस-पास के लोगों को बताया गया था कि यहां एक कॉल सेंटर चलता है. लेकिन एक दिन पुलिस को शक हुआ और छापेमारी की गई तो सभी के होश उड़ गए. मौके से पुलिस ने दर्जनों लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल और डाक्यूमेंट्स बरामद किये हैं.

पुलिस को मिली थी फर्जी कॉल सेंटर की सूचना

गया पुलिस को सूचना मिली थी कि इस मकान में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है. इसी सूचना के आधार पर साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान 35 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया. साइबर पुलिस को शक है कि ये सभी लोग मासूम लोगों को ऑनलाइन भुगतान, एटीएम और सामान डिलीवरी के नाम पर ठगते थे. इस जगह से ये लोग बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी लोगों को शिकार बनाते थे. फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है.

साइबर डीएसपी के नेतृत्व में की गई छापेमारी

साइबर डीएसपी साक्षी राय के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम ने यह छापेमारी की. यहां से बरामद किये गए दस्तावेजों से पुलिस ठगी के तरीके और गिरोह के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही  है. जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनसे सिविल लाइन और चंदौती थानों में पूछताछ की जा रही है. साइबर पुलिस काम, भर्ती प्रक्रिया, वेतन और दूसरे पहलुओं के बारे में इन लोगों से जानकारी एकत्रित कर रही है. 

इसे भी पढ़ें: एक लापरवाही 25 जिलों के DEO पर पड़ी भारी, शिक्षा विभाग ने दिया 96 घंटों की मोहलत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >