Gaya News: (नवीन कुमार मिश्रा) शेरघाटी बार एसोसिएशन ने गुरुआ थाना में अधिवक्ता मुसाफिर रविदास के साथ कथित अमानवीय व्यवहार को लेकर गुरुवार को पुलिस उपाधीक्षक शेरघाटी को ज्ञापन सौंपा. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. अजीजुर रहमान और सचिव सुधीर सिंह के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन में गुरुआ थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई है.
बिना भोजन-पानी के 14 घंटे हाजत में रखा
ज्ञापन में कहा गया है कि 19 मई 2026 की रात अधिवक्ता मुसाफिर रविदास को बिना भोजन और पानी दिए हाजत में बंद रखा गया. आरोप है कि करीब 14 घंटे बाद 20 मई को उन्हें हथकड़ी लगाकर खुले वाहन से न्यायालय में पेश किया गया. बार एसोसिएशन ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताते हुए पुलिस कार्रवाई को अमानवीय और कानून विरुद्ध करार दिया है.
थानाध्यक्ष के निलंबन समेत तीन प्रमुख मांगें
बार एसोसिएशन ने डीएसपी से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. पहली मांग में गुरुआ थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित करने की बात कही गई है. दूसरी मांग में अधिवक्ता मुसाफिर रविदास के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार के लिए विधिसम्मत मुआवजा देने की मांग की गई है. वहीं तीसरी मांग में गुरुआ थाना कांड संख्या 191/26 की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र अनुसंधानकर्ता नियुक्त करने की अपील की गई है.
अधिवक्ताओं में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे.
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