पितृपक्ष में गया जंक्शन पर भीड़ संभालने की तैयारी, बैरिकेडिंग से ट्रैफिक तक प्लान; संवेदनशील जगहों पर तैनात होंगे अतिरिक्त जवान

पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया जंक्शन पर विशेष तैयारियां चल रही हैं. लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए जिला और रेलवे प्रशासन विस्तृत योजना बना रहा है. स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन, पेयजल, सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया जंक्शन पर तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई है. देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा सुगम आवागमन को लेकर शुक्रवार को डीएम शशांक शुभंकर व एसएसपी सुशील कुमार ने गया जंक्शन का विस्तृत निरीक्षण किया.

इस दौरान रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारी और पंडा-पुरोहित भी मौजूद रहे. डीएम ने स्टेशन के बाहरी परिसर से लेकर सभी प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज, यात्री प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों का जायजा लिया.

निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर यात्रियों के आवागमन की स्थिति देखी. फुट ओवरब्रिज पर भीड़ की संभावित स्थिति, प्रवेश और निकास मार्ग तथा यात्रियों की आवाजाही को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली गई.

डीएम ने निर्देश दिया कि मेला अवधि में यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण स्टेशन पर कहीं भी अनावश्यक भीड़ जमा नहीं होनी चाहिए. जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग, दिशा-सूचक बोर्ड और साइनेज लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया.

श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा के लिए पानी-सफाई का पुख्ता इंतजाम

स्टेशन निरीक्षण के दौरान पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और यात्री सहायता केंद्र जैसी सुविधाओं की भी समीक्षा की गई. डीएम ने कहा कि मेला अवधि में स्टेशन पहुंचने वाले किसी भी श्रद्धालु को आवश्यक जानकारी अथवा मूलभूत सुविधा के लिए भटकना न पड़े.

शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया गया. ट्रेन के आगमन-प्रस्थान, प्लेटफार्म संख्या और अन्य जरूरी सूचनाओं की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से स्पष्ट रूप से देने पर भी विशेष जोर दिया गया. विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले यात्रियों को सुविधा देने के लिए स्पष्ट एवं पर्याप्त सूचना और दिशा-सूचक बोर्ड लगाने को कहा गया.

भीड़ प्रबंधन के लिए संवेदनशील स्थानों की पहचान

पितृपक्ष मेला के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में गया जंक्शन पर यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि होने की संभावना है. इसे देखते हुए डीएम ने भीड़ के दबाव वाले संभावित स्थानों को पहले से चिह्नित करने का निर्देश दिया है.

ऐसे स्थानों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी और संबंधित कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया. प्रवेश और निकास मार्ग को सुव्यवस्थित रखने, फुट ओवरब्रिज पर भीड़ नियंत्रित करने और यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए समन्वित व्यवस्था तैयार करने का निर्देश दिया गया है.

आरपीएफ, जीआरपी और जिला पुलिस में बेहतर तालमेल

एसएसपी सुशील कुमार ने स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और मेला अवधि में लगातार निगरानी एवं पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारी भीड़ के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए रेलवे पुलिस, आरपीएफ और जिला पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है.

संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बल की तैनाती करने का निर्देश दिया गया. निरीक्षण के दौरान स्टेशन के बाहरी परिसर की ट्रैफिक व्यवस्था की भी समीक्षा की गई.

यात्रियों के उतरने-बैठने, ऑटो एवं अन्य यात्री वाहनों के संचालन तथा पैदल यात्रियों के सुरक्षित आवागमन को लेकर अधिकारियों ने जानकारी ली. डीएम ने निर्देश दिया कि मेला अवधि में स्टेशन के बाहर अनावश्यक वाहन ठहराव और जाम की स्थिति नहीं बननी चाहिए.

यातायात पुलिस, परिवहन विभाग, नगर निगम और रेलवे प्रशासन को आपसी समन्वय से विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. अवैध पार्किंग पर नियंत्रण के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित पैदल मार्ग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.

आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के निर्देश

निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन और रेलवे प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई. यात्री सुविधा, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, प्रवेश-निकास, स्टेशन निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पितृपक्ष मेला के दौरान स्टेशन से लेकर बाहरी परिसर तक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी.

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इस अवसर पर आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार सिंह, डीडीयू रेल मंडल के सहायक वाणिज्य प्रबंधक सहित रेलवे और जिला प्रशासन के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे. अधिकारियों ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है. मेले में आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री को सुरक्षित वातावरण और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना जिला एवं रेल प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है.

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By रोहित कुमार

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