गया जी से श्रीनिवास की रिपोर्ट
Gaya ji News: गया जी जिले के कोंच बाजार निवासी मेजर आशीष कुमार को उनकी अदम्य वीरता, साहस और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के लिए देश के प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-26 (फेज-1) के दौरान प्रदान किया. इस उपलब्धि के बाद कोंच समेत पूरे गया जी जिले में खुशी और गर्व का माहौल है.
आतंकवाद विरोधी अभियान में दिखाई असाधारण बहादुरी
मेजर आशीष कुमार भारतीय सेना की 7 पैरा (स्पेशल फोर्सेस) में तैनात हैं. नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग क्षेत्र में चलाए गए एक महत्वपूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उन्होंने असाधारण साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया. कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने मिशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई.
अपनी जान की परवाह किए बिना संभाली कमान
ऑपरेशन के दौरान मेजर आशीष कुमार ने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना पूरे दस्ते, सहायक हथियार इकाइयों और स्नाइपर टीमों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया. उनकी रणनीति, सूझबूझ और नेतृत्व के कारण सेना का अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली.
दो खूंखार आतंकवादियों का हुआ खात्मा
सेना के इस सफल ऑपरेशन में दो खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया गया. अधिकारियों के अनुसार अभियान की सफलता में मेजर आशीष कुमार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही. उनके साहसिक नेतृत्व और वीरता को देखते हुए उन्हें शौर्य चक्र जैसे प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलने से बढ़ा गौरव
नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों शौर्य चक्र प्राप्त करना मेजर आशीष कुमार और उनके परिवार के लिए गौरवपूर्ण क्षण रहा. इस सम्मान ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे गया जिले और बिहार का नाम रोशन किया है.
कोंच में खुशी की लहर
मेजर आशीष कुमार को शौर्य चक्र मिलने की खबर जैसे ही कोंच पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. स्थानीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया. कोंच प्रमुख मनी देवी, एलजेपी नेता कमलेश शर्मा और सुनील कुमार सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं.
व्यवसायिक परिवार से सेना के वीर अधिकारी तक का सफर
मेजर आशीष कुमार का परिवार कोंच में व्यवसाय से जुड़ा हुआ है. एक सामान्य परिवार से निकलकर भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाना और फिर शौर्य चक्र जैसे सम्मान से नवाजा जाना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है. मेजर आशीष कुमार की यह उपलब्धि बताती है कि समर्पण, साहस और देशसेवा की भावना से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उनकी वीरता की कहानी अब कोंच ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है.
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