गया जी से मनोज मिश्रा की रिपोर्ट
Gaya Ji News: गया जी जिले में पानी की तलाश में जंगल से गांव पहुंचे हिरण पर कुत्तों ने हमला कर दिया. इस घटना में इलाज के दौरान हिरण की मौत हो गई है. जानकारी अनुसार डुमरिया-मैगरा थाना क्षेत्र के हरनी गांव में पानी की तलाश में जंगल से भटककर पहुंचे एक हिरण की आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना ने जंगलों में बढ़ते जल संकट और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
पानी की तलाश में जंगल छोड़ गांव पहुंचा था हिरण
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह नारायणपुर पंचायत के हरनी गांव में एक हिरण जंगल से भटककर पहुंच गया. ग्रामीणों का मानना है कि भीषण गर्मी और जंगलों में जलस्रोत सूख जाने के कारण हिरण पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्र की ओर आ गया था.
गांव पहुंचते ही आवारा कुत्तों ने कर दिया हमला
हिरण के गांव में प्रवेश करते ही कई आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया. अचानक हुए हमले में हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया. कुत्तों के हमले से बचने के लिए वह काफी देर तक इधर-उधर भागता रहा, लेकिन गंभीर चोटों के कारण कमजोर पड़ गया.
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम तत्काल हरनी गांव पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल हिरण का सुरक्षित रेस्क्यू किया. रेस्क्यू के बाद हिरण को इलाज के लिए डुमरिया पशु अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया. वन विभाग के अधिकारी लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे.
वन विभाग ने बचाने की पूरी कोशिश की
वनपाल रौशन कुमार ने बताया कि हिरण गंभीर रूप से घायल था. प्राथमिक उपचार के बाद उसे निगरानी के लिए इमामगंज वन कार्यालय में रखा गया था. वन विभाग की टीम उसकी जान बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी. सभी प्रयासों के बावजूद घायल हिरण की हालत में सुधार नहीं हो सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हिरण की मौत से वन विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों में मायूसी का माहौल है.
भीषण गर्मी से बढ़ रही वन्यजीवों की मुश्किलें
रेंजर कुलदीप चौहान ने बताया कि भीषण गर्मी और जंगलों में जलस्रोतों के सूखने के कारण जंगली जानवर अक्सर पानी की तलाश में गांवों की ओर आ रहे हैं. इससे उनके मानव बस्तियों और आवारा पशुओं के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है. इस घटना ने जंगलों में वन्यजीवों के लिए पर्याप्त जलस्रोत उपलब्ध कराने की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है. पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि गर्मी के मौसम में जंगलों में कृत्रिम जलस्रोतों की व्यवस्था बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि जंगली जानवरों को गांवों की ओर न भटकना पड़े. रेस्क्यू अभियान के दौरान वनपाल रौशन कुमार, वनरक्षी मिथिलेश कुमार समेत वन विभाग के कई कर्मी मौजूद रहे.
