गया जी में आयोजित कार्यक्रम में न्याय व्यवस्था सुधार पर गंभीर चर्चा, न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह बोले-पुलिस जांच प्रणाली को और प्रभावी बनाना जरूरी

Gaya Ji News : बोधगया के महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह ने जीरो एफआईआर और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पुलिसिंग और न्याय व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया.

Gaya Ji News : बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह ने पुलिस व्यवस्था और आपराधिक न्याय प्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं. उन्होंने सवाल उठाया कि “पुलिस जीरो एफआईआर क्यों नहीं लेती?” साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस जांच एजेंसियों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके और न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत हो.

थानों में आने वाले लोगों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जरूरी: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे. उन्होंने भी कानून-व्यवस्था, पुलिसिंग और न्याय व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर अपनी बात रखी. मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों में आने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि कम समय में अधिक लोगों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है.

न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह का सवाल: पुलिस जीरो एफआईआर दर्ज करने से क्यों बचती है?

अपने संबोधन में न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह ने पुलिस व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण पहलू जीरो एफआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ितों को तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है. उन्होंने सवाल किया कि जब कानून इसकी अनुमति देता है, तब कई मामलों में पुलिस ज़ीरो एफआईआर दर्ज करने से क्यों बचती है. उन्होंने संकेत दिया कि यदि इस व्यवस्था का सही ढंग से पालन हो, तो पीड़ितों को थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अपराधों की जांच भी बिना अनावश्यक देरी के शुरू की जा सकेगी.

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जांच की गुणवत्ता सुधारने पर न्यायमूर्ति का जोर

न्यायमूर्ति ने कहा कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे प्रभावी तरीके से लागू करना भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने कहा कि पुलिस जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और जवाबदेही के साथ और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए. निष्पक्ष, वैज्ञानिक और समयबद्ध जांच ही मजबूत न्याय व्यवस्था की आधारशिला है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच की गुणवत्ता जितनी बेहतर होगी, न्याय मिलने की संभावना उतनी ही मजबूत होगी. इससे अदालतों में मामलों के बेहतर निस्तारण में भी सहायता मिलेगी.

नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुआ मंथन

महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करना था. कार्यक्रम में न्यायपालिका, प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया. वक्ताओं ने नए कानूनों के विभिन्न प्रावधानों, उनके व्यावहारिक उपयोग और आम नागरिकों तक उनकी जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर भी विचार साझा किए.

कानून-व्यवस्था सुधार सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि थानों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसका उचित समाधान निकाला जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कम समय में अधिक लोगों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता बढ़ाने पर भी बल दिया.

संस्थाओं के बेहतर तालमेल से मिलेगा तेज न्याय

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि नई आपराधिक कानून व्यवस्था तभी सफल होगी जब पुलिस, अभियोजन, न्यायपालिका और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा. न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह का ज़ीरो एफआईआर और प्रभावी जांच एजेंसियों को लेकर दिया गया संदेश इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण सुझाव माना जा रहा है.

मजबूत जांच प्रणाली से बढ़ेगा न्याय पर भरोसा

बोधगया से दिया गया यह संदेश केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की न्याय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ज़ीरो एफआईआर की व्यवस्था का सही पालन हो और पुलिस जांच को अधिक सक्षम एवं जवाबदेह बनाया जाए, तो पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने में बड़ी मदद मिल सकती है.

न्यायमूर्ति और मुख्यमंत्री के विचारों से न्याय व्यवस्था सुधार पर बढ़ी बहस

नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संबोधन ने पुलिस सुधार, जांच प्रक्रिया और न्याय व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने रखा. आने वाले समय में इन सुझावों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखता है, इस पर सभी की नजर रहेगी.

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By Yuvraj Ratan

पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.

प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

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