Dungeshwari Hill Ropeway : भगवान बुद्ध की तपोभूमि बोधगया की ढुंगेश्वरी पहाड़ी पर इस पर्यटन सीजन से श्रद्धालुओं को रोपवे की सुविधा मिलने लगेगी. रोपवे का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अब बस 10 प्रतिशत फिनिशिंग का काम बाकी है. इस रोपवे के शुरू होने से श्रद्धालु सिर्फ दो मिनट में नीचे से पहाड़ी पर स्थित गुफा तक आसानी से पहुंच जाएंगे.
चार ट्रॉलियों से सफर होगा आसान
इसमें चार ट्रॉली लगाए गए हैं, जिसमें दो ट्रॉली एक साथ ऊपर जाएगी, जबकि दो ट्रॉली से श्रद्धालु नीचे आएंगे. एक ट्रॉली में एक साथ छह लोगों के बैठने की सुविधा होगी. रोपवे के सतह वाले प्लेटफार्म से ऊपरी प्लेटफार्म की दूरी लगभग 310 मीटर है.
वृद्ध श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सहूलियत
इसके शुरू हो जाने से अब श्रद्धालुओं को, खासतौर पर वृद्ध श्रद्धालुओं को मंदिर स्थित गुफा तक पहुंचने में सहूलियत हो जाएगी. फिलहाल पीसीसी सड़क और सीढ़ियों के माध्यम से श्रद्धालु गुफा तक पहुंच पाते हैं. लेकिन, अब रोपवे की सुविधा होने से पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए यहां पहुंचना काफी सुविधाजनक हो जाएगा.
पर्यटन विभाग करा रहा है निर्माण
ढुंगेश्वरी पहाड़ी के मध्य में मौजूद गुफा तक पहुंचने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा रोपवे का निर्माण कराया जा रहा है. ढुंगेश्वरी के साथ-साथ प्रेतशिला व ब्रह्मयोनि पहाड़ी पर भी रोपवे का निर्माण कार्य जारी है. कोलकाता की एक एजेंसी के माध्यम से रोपवे का निर्माण किया गया है और अब मात्र इसमें फिनिशिंग का काम और ट्रालियों को वायर में टांगने का काम शेष है.
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16 करोड़ की लागत से निर्माण
इसके निर्माण पर लगभग 16 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं. हालांकि, अब तक यहां बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है जिसके कारण फिलहाल जनरेटर से इसका ट्रायल किया जा रहा है. सतह वाले प्लेटफार्म पर 125 केवीए का एक जनरेटर जबकि ऊपरी प्लेटफार्म पर 25 केवीए का जनरेटर लगाया जा चुका है.
आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ेगी संख्या
रोपवे के शुरू हो जाने के बाद यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले की तुलना में बढ़ जाएगी. फिलवक्त में पहाड़ी के मध्य स्थित गुफा तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है. हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा यहां डोला की भी व्यवस्था की गई है जिसके माध्यम से श्रद्धालु शुल्क का भुगतान कर मंदिर तक पहुंच पाते हैं.
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90 प्रतिशत काम पूरा
प्रोजेक्ट में काम कर रहे साइट इंचार्ज का कहना है कि 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अब सिर्फ टाइल्स वगैरह फिनिशिंग का काम बाकी है और ट्रॉली को वायर से टांगना शेष रह गया है. बिजली की आपूर्ति फिलहाल नहीं हो पाई है जिसके लिए प्रयास जारी है.
स्थानीय रोजगार पर दिखेगा इसका असर
हालांकि, रोपवे का साइड इफेक्ट भी दिख रहा है, जिसके तहत यहां कम से कम 200 से ज्यादा डोला से श्रद्धालुओं को चढ़ाने वाले लोगों के समक्ष रोजगार की समस्या पैदा होगी. परंतु रोपवे के निर्माण से श्रद्धालुओं के लिए सुविधा बढ़ जाएगी और पर्यटन व्यवसाय को भी फायदा मिलेगा.
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