साइबर ठगी गिरोह का खुलासा, गया जी और औरंगाबाद से 7 ठग गिरफ्तार, एटीएम-सिम कार्ड बरामद, ऐसे लगाते थे चूना

Gaya Ji Cyber Fraud Gang: गया जी साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 14 एटीएम कार्ड, 22 सिम और नकदी बरामद हुई.

गया जी से रोशन कुमार की रिपोर्ट
Gaya Ji Cyber Fraud Gang: गया जी साइबर थाना पुलिस ने मोबाइल कॉल के जरिए लोगों को झांसे में लेकर बैंक खातों से पैसे उड़ाने वाले एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. साइबर डीएसपी एआर दानिश के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उनके पास से नकदी, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं.

ऐसे होती है धोखाधड़ी

जानकारी अनुसार गया जी साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा है. मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर साइबर डीएसपी एआर दानिश के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने गया शहर और औरंगाबाद जिले में छापेमारी कर साइबर ठगी से जुड़े सात युवकों को गिरफ्तार किया.

इनकी हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र के गंधार गांव निवासी अंकित कुमार सिंह, गया जिले के धर्मशी बिगहा निवासी रॉकी यादव, कमलदह निवासी अभिषेक पासवान, पथरौरा निवासी गौतम पासवान, बजराही निवासी निखिल ठाकुर, गौतम शर्मा और पातालबिगहा निवासी आकाश मांझी के रूप में हुई है. पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है.

आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 34 हजार रुपये नकद, 14 एटीएम कार्ड, 22 सिम कार्ड, एक चेकबुक, एक पासबुक और मोबाइल फोन बरामद किया. पुलिस का मानना है कि इन सामानों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी और बैंक खातों के संचालन में किया जाता था.

बैंक खाते और सिम कार्ड कैसे जुटाए जाते थे?

पूछताछ में खुलासा हुआ कि रॉकी यादव लोगों को प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करता था. इसके बाद ये खाते गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंप दिए जाते थे. जानकारी के अनुसार प्रति बैंक खाता देने के बदले कुछ हजार रुपये का भुगतान किया जाता था. इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने में किया जाता था.

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एनसीआरपी पोर्टल की जांच में क्या सामने आया?

साइबर डीएसपी ने बताया कि एनसीआरपी पोर्टल पर जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए. जांच में पाया गया कि गिरफ्तार कुछ आरोपियों के बैंक खातों से साइबर धोखाधड़ी से जुड़े कई लेन-देन हुए हैं. पुलिस के अनुसार चार आरोपियों के खातों के माध्यम से कुल 8 लाख 98 हजार 538 रुपये के संदिग्ध साइबर ट्रांजेक्शन किए गए हैं.

एक आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज है मामला

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि औरंगाबाद जिले के गंधार गांव निवासी अंकित कुमार सिंह के खिलाफ पहले से नालंदा जिले के नूरसराय थाना में एक आपराधिक मामला दर्ज है. फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है. साइबर थाना में दारोगा के बयान पर कांड संख्या 91/26 दर्ज किया गया है. गिरफ्तार सातों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की पहचान में जुटी है.

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Published by: Sakshi kumari

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