गया जी : 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरा तीन साल का पीयूष, रेस्क्यू जारी

Gaya Ji News : गया जी के फतेहपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 3 साल का मासूम पीयूष कुमार खेलते-खेलते 300 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया. बच्चा 35 फीट की गहराई में फंसा है और प्रशासन द्वारा सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

Gaya Ji News : गया जी के फतेहपुर प्रखंड स्थित रंगुनगर गांव में गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया. यहां तीन साल का मासूम बच्चा पीयूष कुमार खेलते-खेलते करीब 300 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया. बताया जा रहा है कि बच्चा फिलहाल 35 फीट की गहराई में फंसा हुआ है.

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गयी है और बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अब आगे प्रशासन की पहली प्राथमिकता किसी भी तरह से पीयूष की जान बचाकर उसे बाहर निकालने की है, जिसके बाद गड्ढे को खुला छोड़ने वाले लापरवाह ठेकेदार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

कैसे हुआ हादसा

गांव वालों के मुताबिक, गांव में नल-जल योजना के तहत एक ठेकेदार ने करीब 300 फीट गहरी बोरिंग करायी थी. जब इसमें से पानी नहीं निकला, तो गड्ढे को सुरक्षित तरीके से बंद करने के बजाय उसके मुंह पर सिर्फ एक प्लास्टिक का बोरा रख दिया गया. वहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था, जिससे यह पता ही नहीं चल रहा था कि वहां इतना गहरा गड्ढा है. गुरुवार की शाम मासूम पीयूष खेलते हुए वहां पहुंचा. जैसे ही उसने बोरे पर पैर रखा, बोरा अंदर धंस गया और वह सीधे बोरवेल में जा गिरा.

35 फीट पर अटका पीयूष, दी जा रही ऑक्सीजन

बच्चे के बोरवेल में गिरने के बाद परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ वहां जमा हो गई. सूचना मिलते ही फतेहपुर अंचलाधिकारी (सीओ) अमिता सिन्हा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शशिभूषण साहू और गुरपा थानाध्यक्ष शिवनंदन कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. बच्चे को जिंदा रखने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर से तुरंत ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाये गये.

फिलहाल पाइप के जरिये बोरवेल के अंदर बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचायी जा रही है और उसे बाहर निकालने के लिए हर तकनीकी उपाय किया जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर ठेकेदार ने नियम के मुताबिक बोरवेल को ठीक से बंद किया होता, तो आज यह मासूम जिंदगी और मौत के बीच नहीं जूझ रहा होता.

प्रशासन की प्राथमिकता बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालना : डीएम

इधर घटना को डीएम शशांक शुभंकर ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. उन्होंने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया है. डीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी लगातार घटनास्थल की निगरानी कर रहे हैं तथा प्रत्येक गतिविधि पर नजर बनाये हुए हैं.

डीएम ने बताया कि बच्चा लगभग 30 से 35 फीट की गहरायी में फंसा हुआ है. उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की विशेषज्ञ टीम पटना से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है.

राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम भी फतेहपुर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान में शामिल हो रही है. विशेषज्ञों की देखरेख में वैज्ञानिक व सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान संचालित किया जायेगा. बच्चे की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बोरवेल के भीतर पाइप के माध्यम से लगातार ऑक्सीजन उपलब्ध करायी जा रही है, ताकि उसे पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहे. जिला प्रशासन ने मौके पर 

जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, घटनास्थल पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित न करें तथा राहत एवं बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें. प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता मासूम को सुरक्षित बाहर निकालना है. इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तत्परता और समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं.

Also Read : गया जी के दिघी तालाब में बनेगा आइकॉनिक ब्रिज, 3.35 करोड़ की लागत से तीन महीने में होगा सौंदर्यीकरण



प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >