गया जी. लगातार हो रही बारिश के कारण गया-धनबाद रेलखंड पर नाथगंज और बसकटवा के बीच सोमवार की देर रात टनल नंबर 1 के घाटी क्षेत्र में लैंडस्लाइड हो गया. पहाड़ी से मलबा गिरकर अप लाइन पर आ गया, जिससे कुछ समय के लिए रेल परिचालन रोकना पड़ा. घटना के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
रात 1:30 बजे ट्रैक पर गिरा पहाड़ी का मलबा
रेलवे अधिकारियों को लैंडस्लाइड की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया. रेलवे के एसएसई पी-वे गया के अनुसार, लगातार बारिश के कारण रात करीब 1:30 बजे पहाड़ी से मलबा खिसककर अप लाइन पर आ गया था.
ट्रैकमैन ने तुरंत शुरू किया मलबा हटाने का काम
टनल क्षेत्र में तैनात ट्रैकमैन ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर ट्रैक से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया. रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से करीब एक घंटे के भीतर मलबा हटाकर रेल पटरी को परिचालन के लिए तैयार कर लिया गया.
कॉशन के साथ दोबारा शुरू हुआ ट्रेनों का परिचालन
रात करीब 2:30 बजे ट्रैक साफ होने के बाद कॉशन के साथ ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया. रेलवे की ओर से बताया गया कि घटना में किसी तरह के आपराधिक हस्तक्षेप के साक्ष्य नहीं मिले हैं. लगातार बारिश के कारण प्राकृतिक रूप से पहाड़ी का मलबा ट्रैक पर गिरा था.
लैंडस्लाइड के कारण कई ट्रेनें रास्ते में रुकीं
लैंडस्लाइड के कारण रेल परिचालन प्रभावित होने से कई ट्रेनों को अलग-अलग स्थानों पर रोकना पड़ा. इस दौरान इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस, गंगा-दामोदर एक्सप्रेस, गढ़वा एक्सप्रेस और दून एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें जहां-तहां खड़ी रहीं. इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई.
राजधानी एक्सप्रेस पर भी पड़ा असर
रेल परिचालन बाधित होने का असर राजधानी एक्सप्रेस पर भी पड़ा. ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब 15 मिनट की देरी से रवाना हुई. हालांकि, ट्रैक से मलबा हटाने के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और ट्रेनों का परिचालन धीरे-धीरे सामान्य किया गया.
संवेदनशील घाटी क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी
घटना के बाद रेलवे की टीम ने रेल पटरी और आसपास के घाटी क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है. लगातार बारिश को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि दोबारा मलबा गिरने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर रेल परिचालन को सुरक्षित रखा जा सके.
