गया जी. समाहरणालय में बुधवार को ‘कॉफी विद डीएम’ कार्यक्रम के दूसरे सत्र का आयोजन किया गया. इस दौरान जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने विद्यार्थियों और युवाओं से सीधे संवाद कर शिक्षा, खेल, युवा विकास, डिजिटल कौशल, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े सुझाव सुने. डीएम ने युवाओं के रचनात्मक विचारों की सराहना करते हुए कहा कि जिले के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है.
शिक्षा व्यवस्था सुधारने और ड्रॉपआउट कम करने का सुझाव
फतेहपुर निवासी आदर्श मिश्रा, जो सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार में विधि स्नातक के विद्यार्थी हैं, ने ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का सुझाव दिया. उन्होंने स्कूल ड्रॉपआउट कम करने के लिए विद्यालयों में आधारभूत संरचना, शिक्षकों के प्रशिक्षण, डिजिटल लर्निंग, करियर काउंसलिंग और मेंटरशिप की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया.
ग्रामीण खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने की मांग
राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल खिलाड़ी एवं सहायक कोच तानवी राज ने जिले में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने का सुझाव दिया. उन्होंने खेल मैदानों के रखरखाव के साथ नये खेल मैदान और सामुदायिक खेल केंद्र विकसित करने की जरूरत बतायी. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं, विशेषकर बालिकाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया.
रक्त की उपलब्धता के लिए नेटवर्क बनाने की पहल
42 बार रक्तदान कर चुके शुभम आनंद ने आपात स्थिति में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ब्लड बैंक, अस्पताल, एनजीओ और स्वैच्छिक रक्तदाताओं के बीच समन्वित नेटवर्क बनाने का सुझाव दिया. उनका कहना था कि बेहतर समन्वय से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है.
युवाओं के लिए इनोवेशन हब बनाने का सुझाव
कक्षा 12वीं की छात्रा जिग्यासा भारती ने युवाओं के लिए ‘यूथ एक्सपोजर एंड इनोवेशन हब’ स्थापित करने का सुझाव दिया. उन्होंने इसमें करियर मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति, कौशल विकास और मेंटरशिप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही. वहीं नैतिक प्रकाश ने सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण और कौशल आधारित शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों तथा बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत बतायी.
हर बुधवार और शनिवार होगा ‘कॉफी विद डीएम’
डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि ‘कॉफी विद डीएम’ कार्यक्रम नियमित रूप से प्रत्येक बुधवार और शनिवार को आयोजित किया जाएगा. इच्छुक युवा गया जिले की एनआइसी वेबसाइट और ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन युवाओं को जिले की विकास प्रक्रिया से लगातार जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.
सुझावों पर जरूरत के अनुसार होगी कार्रवाई
डीएम ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि कार्यक्रम में प्राप्त उपयोगी सुझावों पर आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को प्रशासन से सीधे जोड़ना और जिले के विकास से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय को सामने लाना है. कार्यक्रम के बाद सभी विद्यार्थियों ने तिरंगा यात्रा में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया.
