किसान सभा, सीटू एवं खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त आह्वान पर राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत गया में हजारों किसान-मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से विशाल जुलूस की शक्ल में निकलकर समाहरणालय पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में समाहरणालय का घेराव एवं प्रदर्शन किया व गिरफ्तारी दी.
प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से काफी संख्या में किसान, खेत मजदूर एवं श्रमिक शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.
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प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में चारों लेबर कोड को रद्द करने, अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार संधि रद्द करने, मनरेगा को पुनः बहाल करने, आंगनवाड़ी सेविका-सहायिकाओं को सरकारी सेवक का दर्जा देने, बेघरों को 10 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराना शामिल है.
वक्ताओं के विचार और 'कॉरपोरेट भारत छोड़ो' का नारा
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 9 अगस्त 1942 को देश की जनता ने "अंग्रेजों भारत छोड़ो" का नारा दिया था. आज उसी संघर्ष की भावना के साथ हमारा नारा है "कॉरपोरेट भारत छोड़ो." मजदूरों और किसानों को गुलाम बनाने वाली नीतियों को वापस लेना होगा.
आंदोलन का नेतृत्व करने वाले प्रमुख नेता
आंदोलन का नेतृत्व रामवृक्ष प्रसाद, पारसनाथ सिंह, अजय वर्मा, मंजू देवी, अबीर अधिकारी एवं राम खेलावन प्रसाद संयुक्त रूप से कर रहे थे.
