Digital Arrest: गया में फर्जी IPS बन कर ठग लिया 50.99 लाख, डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर बना रहे शिकार

Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्डिंग के नाम पर साइबर गिरोह से जुड़े अपराधियों ने आइपीएस बन कर गया शहर के जयप्रकाश नगर मुहल्ले के रहनेवाले अशोक कुमार सिन्हा से 50 लाख 99 हजार रुपये की ठगी कर लिया. इस मामले को लेकर पीड़ित सिन्हा के बयान पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

Digital Arrest, रोशन कुमार: गया शहर के जयप्रकाश नगर-रोड नंबर टू बी-गेवाल बिगहा के रहनेवाले अशोक कुमार सिन्हा ने साइबर थाने के दारोगा को बताया है कि उनके मोबाइल फोन पर आइपीएस की वर्दी में एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल किया और कहा कि उनके आधार कार्ड से दिल्ली स्थित आइसीआइसीआइ में एक खाता खुला है. उस खाते में 6.80 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और इसके एवज में उन्हें 68 लाख रुपये मिला है. हालांकि, उसकी बातों को इग्नोर किया. लेकिन, उन्हें धमकाते हुए लगातार बातचीत करता रहा. इस दौरान उनके बैंक खाते में 50 लाख 93 हजार रुपये था. उसने धमकाते हुए कहा कि बैंक खाते में पड़ा रुपये आरबीआइ में जमा करना होगा और जांच-पड़ताल पूरी हो जाने पर पुन: आपके खाते में वापस भेज दिया जायेगा.

पैसा नहीं हुआ वापस

उसने सलाह दिया कि राउंड फिगर में 50 लाख रुपये भेज दें. तब उन्होंने उसे 50 लाख रुपये भेज दिया. रुपये देने के बाद जब कुछ समय बीता, तो उसने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उक्त मामले में केस दर्ज है. वहां से क्लियर होन के बाद ऑर्डर जायेगा. इसके बाद आरबीआइ को और आपके खाते में पैसा लौटा दिया जायेगा. इस दौरान फिर उसने गुगल फोन के माध्यम से 99 हजार रुपये ले लिया. लेकिन, अबतक उनके 50 लाख 99 हजार रुपये वापस नहीं हुए.

दो फर्जी आइपीएस के विरुद्ध साइबर थाना में नामजद केस दर्ज

पीड़िता अशोक कुमार सिन्हा के बयान पर साइबर थानाध्यक्ष साक्षी राय ने आइटी एक्ट की धारा 66 सी, 66 डी व बीएनएस की धारा 316 (2), 318 (4) 319 (2) व 340 (2) के तहत मोबाइल फोन नंबर 8401023732 के धारक फर्जी आइपीएस सुनील कुमार गौतम व फर्जी आइपीएस प्रदीप सिंह न पर प्राथमिकी कांड संख्या 20/25 दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है. साथ ही इस केस का इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर साइबर थाने के इंस्पेक्टर हरेश कुमार सिंह को बनाया गया है.

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शहर के चर्चित चिकित्सक से कर चुका है 4.40 करोड़ रुपये की ठगी

साइबर गिरोह से जुड़े अपराधियों ने इडी के नाम पर गया शहर के चर्चित चिकित्सक डॉ एएन रॉय से अगस्त 2024 में चार करोड़ 40 लाख रुपये की ठगी कर चुका है. इस मामले में भी पीड़ित चिकित्सक के बयान पर साइबर थाने में केस दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है. सूचना है कि इस मामले में साइबर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की तो करीब 66 लाख रुपये होल्ड कराया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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