East Central Railway Updates(रोहित कुमार सिंह): बिहार और झारखंड के पावर प्लांट्स को कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने एक बहुत बड़ी कामयाबी की ओर कदम बढ़ा दिया है. पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) छत्रसाल सिंह ने शनिवार को गया-कोडरमा-हजारीबाग टाउन-अरगडा-पतरातू-गढ़वा रोड रेलखंड का सघन ‘विंडो ट्रेलिंग’ निरीक्षण किया. इस दौरान जीएम ने ग्रैंड कॉर्ड (GC) लाइन के बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन के मध्य स्थित टनल (गुफा) संख्या 01 का विशेष रूप से गहन ऑन-ग्राउंड निरीक्षण किया.
चुनौतीपूर्ण मिशन: बीओबीआर रेक के परिचालन के लिए बदला जा रहा है टनल का नक्शा
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस दुर्गम घाट सेक्शन में बीओबीआर (BOBR) रेक के परिचालन को हरी झंडी देने के उद्देश्य से टनल संख्या 01 का रीडिजाइन (नया नक्शा) तैयार कर उसका डाइमेंशन (आकार) बढ़ाने का बेहद चुनौतीपूर्ण और जटिल इंजीनियरिंग कार्य किया जा रहा है. पिछले महीने ही जीएम छत्रसाल सिंह की मौजूदगी में गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन की डाउन लाइन में खाली बीओबीआर रेक के परिचालन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया था.
अब इसी कड़ी में अप लाइन में भी भारी-भरकम बीओबीआर रेक को दौड़ाने के लिए टनल को चौड़ा करने और ऊंचाई बढ़ाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.
बाढ़ और बरौनी बिजली घरों को होगा सीधा फायदा, मालगाड़ियों के फेरे बढ़ेंगे
| प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य | बिजली संयंत्रों और रेलवे को होने वाला बड़ा लाभ | निरीक्षण टीम में शामिल मुख्य नाम |
| टनल संख्या 01 का रीडिजाइन | भारी और आधुनिक बीओबीआर कोयला रेक का परिचालन बिना किसी बाधा के सुचारू होगा. | छत्रसाल सिंह (महाप्रबंधक, पूर्व मध्य रेलवे) |
| वैगन टर्नराउंड में सुधार | बाढ़ और बरौनी एनटीपीसी (NTPC) प्लांट्स के लिए कोयले की ढुलाई का समय काफी कम हो जाएगा. | अखिलेश मिश्र (मंडल रेल प्रबंधक, धनबाद मंडल) |
| लोडिंग क्षमता में इजाफा | रेक की उपलब्धता तेजी से बढ़ेगी, जिससे रेलवे पहले के मुकाबले ज्यादा माल लोडिंग कर सकेगा. | सरस्वती चंद्र (मुख्य जनसंपर्क अधिकारी – CPRO, पूमरे) |
ओएचई प्रणाली और ट्रैक सुरक्षा का भी लिया जायजा, जीएम ने थपथपाई पीठ
विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने केवल टनल ही नहीं, बल्कि इस पूरे महत्वपूर्ण रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों, छोटे-बड़े रेल पुलों, ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) विद्युत प्रणाली, पथ-रचना और पटरियों (Tracks) की सुरक्षा व मजबूती का बेहद बारीकी से अवलोकन किया. उन्होंने सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश दिए.
पूमरे के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने इस मेगा प्रोजेक्ट की अहमियत साझा करते हुए बताया कि इस घाट सेक्शन में बीओबीआर रेक का ऑपरेशन पूरी तरह चालू हो जाने से मालगाड़ियों के समय में अभूतपूर्व बचत होगी. इससे न केवल बिजली घरों को संकट के समय तेजी से कोयला मिलेगा, बल्कि रेलवे की माल ढुलाई क्षमता बढ़ने से राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इस अहम निरीक्षण के दौरान धनबाद रेल मंडल के डीआरएम अखिलेश मिश्र समेत मुख्यालय और मंडल के कई वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी, इंजीनियर्स और रेल कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
