गया जी में डुमरिया प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, बहुमत नहीं जुटा सके विरोधी, आशा देवी का पद बरकरार

Dumaria Pramukh : गया जी जिले के डुमरिया प्रखंड में प्रमुख आशा देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गुरुवार को बहुमत के अभाव में खारिज हो गया.

गया जी से मनोज मिश्रा की रिपोर्ट
Dumaria Pramukh :
गया जी जिले के डुमरिया प्रखंड में प्रमुख आशा देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गुरुवार को बहुमत के अभाव में खारिज हो गया. निर्धारित संख्या में पंचायत समिति सदस्य बैठक में नहीं पहुंचे, जिसके कारण अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान तक नहीं हो सका. इस फैसले के साथ प्रमुख आशा देवी अपने पद पर बरकरार रहेंगी. राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है.

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी विशेष बैठक

डुमरिया प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन सभागार में अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए विशेष बैठक आयोजित की गई. बैठक का संचालन भूमि उप-समाहर्ता (DCLR) शेरघाटी प्रियंका कौशिक के नेतृत्व में किया गया, जबकि अध्यक्षता बीडीओ राजू कुमार ने की.

16 सदस्यों वाली समिति में नहीं जुटी जरूरी संख्या

डीसीएलआर प्रियंका कौशिक ने बताया कि डुमरिया पंचायत समिति में कुल 16 सदस्य हैं. पंचायत अधिनियम के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक की वैधता के लिए कम से कम 11 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक थी.

सिर्फ 9 सदस्य पहुंचे, प्रस्ताव स्वतः हुआ खारिज

बैठक में केवल 9 पंचायत समिति सदस्य ही उपस्थित हुए. आवश्यक संख्या पूरी नहीं होने के कारण प्रमुख आशा देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव स्वतः खारिज कर दिया गया. इसके बाद मतदान या चुनाव की प्रक्रिया नहीं कराई गई.

मतदान से पहले ही खत्म हो गया पूरा मामला

बीडीओ राजू कुमार ने बताया कि नियमों के अनुसार आवश्यक कोरम पूरा नहीं होने की स्थिति में मतदान कराना संभव नहीं था. इसलिए अविश्वास प्रस्ताव पर आगे की कोई कार्रवाई नहीं की गई. अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद प्रमुख आशा देवी के समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया. पंचायत समिति के कई सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी और इसे उनके नेतृत्व पर विश्वास की जीत बताया.

कई जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई

प्रमुख आशा देवी को बधाई देने वालों में पंचायत समिति सदस्य अजय कुमार, रविंद्र सिंह, पूर्व प्रमुख सह समिति सदस्य रामचंद्र सिंह, नीतू देवी, हसीबूल निशा, अर्जुन प्रसाद, जितेंद्र दास, उप प्रमुख सुनैना देवी, पवन चंद्रवंशी, गोविंद साव, पूर्व समिति सदस्य मोलन खान और सतेंद्र यादव सहित कई लोग शामिल रहे. अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद डुमरिया प्रखंड की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह परिणाम आने वाले दिनों में पंचायत समिति की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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