Gaya News : बाब साहेब का विचार एक समाज या समुदाय तक समिति नहीं

Gaya News : डॉ भीमराव आंबेडकर छात्रावास में प्रभात संवाद कार्यक्रम का आयोजन, स्टूडेंट्स व पूर्व छात्रों ने किया प्रतिभाग

बाबा साहेब के विचार व वर्तमान में प्रासंगिकता थीम पर छात्रों ने अपने विचार दिये

गया. डॉ भीमराव आंबेडकर, जिन्हें हम बाबा साहेब के नाम से भी जानते हैं भारतीय इतिहास में एक महान व्यक्तित्व हैं. उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में हुआ था. वह भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकारों में से एक थे. उन्होंने दलित वर्गों के लिए समानता और सामाजिक न्याय के लिए आवाज बुलंद की. उनकी जयंती की पूर्व संध्या पर गया शहर में स्थित डॉ भीमराव आंबेडकर छात्रावास में प्रभात संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान उनकी कृति, व्यक्तित्व व उनके विचार पर छात्रावास में रहनेवाले स्टूडेंट्स ने अपनी राय दी. छात्रावास परिसर में स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष एकत्रित होकर बाब साहेब के विचारों व वर्तमान में प्रासंगिकता थीम पर अपनी राय दी. मौजूद छात्रों ने गांव से चलकर शहर में डॉ भीमराव आंबेडकर छात्रावास में रहकर पढ़ने तक के सफर को बाबा साहेब की देन बतायी. कहा कि इस छात्रावास से निकले छात्र आज विभिन्न विभागों के साथ राजनीति में लोहा मनवा रहे हैं.

क्या कहा स्टूडेंट्स ने

बाब साहेब का विचार एक समाज व समुदाय तक समिति नहीं था. उनका विचार समता मूलक समाज निर्माण को लेकर था, जो आज भी प्रासंगिक है. इस विचार के कारण देश आज विकास की राह पर है.सुरेंद्र कुमार मांझी

डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती हमें संगठित होने व उनके विचारों को आत्मसात करने का मौका देती है. आज उन्हीं के विचारों को अपनाकर सामूहिक प्रयास से समाज के देश को आगे ले जा सकते हैं. इसमें काफी कामयाबी भी मिली है.पप्पू कुमार चौधरी

शिक्षित बनों, संगठित रहो तथा संघर्ष करो का बाबा साहेब का विचार आज भी प्रासंगिक है. बाबा साहेब ने समता मूलक समाज की बात की. सारे समाज को अधिकार दिये. वे प्रथम स्कॉलर थे. विश्व उन्हें ज्ञानदीप के रूप में जानता है.अजय पासवान

बाबा साहेब की कृति का कोई व्याख्यान नहीं. उनके विचार के साथ उनके जीवन के संघर्ष का हरेक पहलू प्रेरणादायक है, जो वर्तमान में भी व भविष्य में भी रहेगा. उन्हीं के कारण गांव से शहर में शिक्षा ले रहे हैं.नीरज कुमार

बाबा साहेब के संघर्ष का परिणाम है कि देश विकास का सफर कर यहां तक पहुंचा है. बाबा साहेब गरीब परिवार में जन्मे व संघर्ष से शिक्षा से बड़ा मुकाम हासिल किया. उनकी के विचार को अपनाकर संगठित प्रयास से देश आगे बढ़ रहा है.पंकज कुमार अधिवक्ता

आज शोषित समाज को जो अधिकार मिले हैं, बाबा साहेब की देन है. काफी तप से मिले हैं. इस जयंती पर उनके विचारों को अपनाकर आगे बढ़ने का संकल्प लेना होगा. बाबा सहेब के सपने को पूरा करना होगा.शुभम कुमार

बाबा साहेब का जन्म महान आत्मा का जन्म है. उनके विचार कोई ऊंच नहीं कोई नीच नहीं बल्कि व्यक्ति कर्म से महान बनता है. आज भी प्रासंगिक है. बाबा सहेब ने देश को एक नयी दिशा दी थी.अमित कुमार

उस समय बाबा साहेब के संघर्ष को सोच कर समझ में आता है कि आज हम बेहतर स्थिति में हैं. उनके विचारों, कृतित्व को अपनायें, यही उनकी जयंती पर उनको सही श्रद्धांजलि होगी.प्रकाश कुमार

शिक्षित बनें, संगठित बनें व संघर्ष करें. समाज को शिक्षित करें, बाबा साहेब के इस विचार को अपनाकर देश को आगे ले जा सकते हैं. हमें उनकी जयंती के मौके पर इसे संकल्प के रूप में लेना होगा.सुबोध कुमार

बाबा साहेब अवतारथे. लाखों-करोंड़ों लोगों के जीवन को बदल दिया. भारत के शासन को चलाने के लिए संविधान दिया. आज देश आगे बढ़ रहा है. उनका जीवन संघर्ष सभी के लिए प्रेरणादायक है.

गौतम कुमारशिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा, बाबा साहेब का यह विचार आज भी प्रासंगिक है. उनके व्यक्तित्व की जितनी व्याख्या की जाये कम है. उनके संकल्पों को मिल कर पूरा करना होगा.

निखिल कुमारबाबा साहेब ने महिलाओं, श्रमिकाें, शोषितों व दलितों के उत्थान के लिए कई काम किये. इन सब के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं हैं. जो वर्तमान राजनीति की भी धूरी भी है.

अनूप कुमारशिक्षा के प्रति बाबा साहेब का विचार सभी के लिए है. बिना शिक्षा के किसी समाज व देश के विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते. हमें पूरे देश को शिक्षित करने का संकल्प लेना होगा.

सूरज कुमारडॉ भीमराव आंबेडकर के कारण ही इस छात्रावास में पढ़ रहे हैं. नहीं तो गांव से शहर तक का सफर मुश्किल होता. उनके विचार से ज्यादा जीवन संघर्ष ज्यादा प्रेरणादायक है.यशवंत कुमार

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Author: PANCHDEV KUMAR

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