एमएसएमइ के क्षेत्र में गया के लिए खुल रहे रोजगार के द्वार

Gaya News.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमइ) क्षेत्र विशेषकर विकासशील देशों में रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन, आर्थिक स्वावलंबन और समग्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

एमएसएमइ दिवस. जिले में छोटे उद्योगों को दिया जा रहा बढ़ाव, वित्तीय सहायता से मिल रहा लाभ

एमएसएमइ मंत्रालय के तहत गया में 20 एकड़ में टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना, 100 एकड़ तक विस्तार

संवाददाता, गया जी.

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमइ) क्षेत्र विशेषकर विकासशील देशों में रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन, आर्थिक स्वावलंबन और समग्र आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. यह क्षेत्र स्थानीय मांग और निर्यात को नियंत्रित कर विपरीत परिस्थितियों में भी अर्थव्यवस्था को स्थायित्व प्रदान करता है, और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होता है. इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत गया जिले में स्थानीय युवाओं को उद्योग स्थापना और स्वरोजगार के लिए ब्याजमुक्त ऋण मुहैया कराना शुरू किया है.

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख का ब्याजमुक्त ऋण

इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को अधिकतम ₹10 लाख का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे 84 किस्तों में चुकाने की सुविधा दी गयी है. इस ऋण का 50% तक अनुदान के रूप में दिया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2024–25 के लिए गया में कुल 370 लाभार्थियों का चयन किया गया है. इनमें एससी/एसटी के 85, इबीसी के 76, युवा वर्ग के 80, महिलाएं 83, अल्पसंख्यक 46 हैं. 370 में से 353 लाभार्थियों को प्रथम किस्त का भुगतान कर दिया गया है, जबकि शेष की दूसरी और तीसरी किस्त प्रक्रिया में है. सामान्य वर्ग के लिए 1% ब्याज निर्धारित किया गया है.

प्रशिक्षण से स्वरोजगार की तैयारी

जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से चयनित लाभार्थियों को व्यवसाय की जरूरत, मांग, तकनीकी जानकारी, बाजार की स्थिति, स्थानीयता और अभिरुचियों पर केंद्रित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जा रहे हैं. इससे उन्हें उद्योग स्थापना की व्यावहारिक जानकारी मिल रही है.

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

वित्तीय वर्ष 2024–25 में गया जिले के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 283 लाभार्थियों को लक्षित किया गया था, जिनमें से 264 को स्वीकृति प्रदान की गयी है. इसके तहत विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम ₹50 लाख, सेवा/व्यवसाय क्षेत्र में अधिकतम ₹20 लाख की आर्थिक सहायता मिल रही है. इस योजना में पात्र लाभार्थियों को 35% तक सब्सिडी दी जा रही है.

टेक्नोलॉजी सेंटर : 20 एकड़ में निर्माण, 100 एकड़ तक विस्तार की योजना

गया जिले में एमएसएमइ मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से 20 एकड़ में टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना की जा रही है. यह भूमि खिजरसराय प्रखंड के डेगांव में निशुल्क दीर्घकालिक लीज पर हस्तांतरित की गयी है. टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और नवाचार से जोड़ना है. विभाग के अनुसार इसका विस्तार 100 एकड़ तक किया जायेगा और इसकी निर्माण लागत ₹200 करोड़ से अधिक बतायी जा रही है.

सैकड़ों लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख रुपये का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है. इच्छुक विभाग से आवेदन की प्रक्रिया व योजना की जानकारी ले सकते हैं. विभाग के द्वारा स्वरोजगार के लिए चयनित को हर संभव मदद की जाती है. इसके अलावा पीएमइजीपी के तहत भी उद्योग व रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं. वहीं गया में 20 एकड़ में टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसके बनने से टेक्नॉलॉजी के साथ सैकड़ों लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे.

बंदना, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, गया

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Published by: Vikash kumar

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