Gayaji News : श्रावण मास की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के अवसर पर अति प्राचीन बुढ़वा महादेव मंदिर परिसर में भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला. दर्जनों गांवों से पहुंची कीर्तन मंडलियों ने एक से बढ़कर एक भजन, कीर्तन, कजरी और ठुमरी की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबो दिया.
भजनों की धुन पर झूमते रहे श्रद्धालु
कीर्तन मंडलियों ने ‘रामा गाइए गणपति जग वंदन, शंकर सुमन भवानी के नंदन’, ‘कैलाश पति के मंदिर में डमरू के डमाडम डम निकले’ और ‘का करल मनुष्य तनमा पाके, भजन न कैलअ’ सहित विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी. भक्ति गीतों पर ग्रामीण श्रद्धालु आनंदित होकर झूमते नजर आए.
ढोलक और झाल की धुन से गूंजता रहा मंदिर परिसर
भजन-कीर्तन के दौरान ढोलक, झाल और मुरली की मधुर धुन से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा. सुबह से देर तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भक्ति संगीत का आनंद लिया और भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की.
दर्जनों गांवों की कीर्तन मंडलियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में बेनीपुर, बाजितपुर, आमाकुआं, डिहुरा, खैरा, शिवा बिगहा, रानीगंज, रकसिया, इगुना, झिलमिल, रेवई, मऊ, बारा, मखपा, गुलरिया चक, लशगरगंज, सुपटा, छटमा, चिरैली, पंचमहल्ला, धनछुही, चैता, जगदर, लोहानीपुर और अंदर किला सहित विभिन्न गांवों की कीर्तन मंडलियां शामिल हुईं. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे.
