Gaya ji News : गया के सर्वांगीण विकास, स्थानीय धरोहरों के संरक्षण तथा कलाकारों के सामाजिक और आर्थिक अधिकारों को लेकर शनिवार को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में मगध क्षेत्र के 70 से अधिक वरिष्ठ, युवा और प्रसिद्ध कलाकारों ने भाग लेकर कला, संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत तथा कलाकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. बैठक का संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी शंभू सुमन ने किया. इस दौरान कलाकारों ने विधानसभा अध्यक्ष को 14 सूत्री मांग-पत्र सौंपा, जिसमें गया में कला महाविद्यालय की स्थापना, कलाकारों के आयु वर्ग में व्यावहारिक संशोधन, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार, राष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्थाओं की क्षेत्रीय शाखाएं खोलने, नियमित कला महोत्सव आयोजित करने तथा कलाकारों के सामाजिक एवं आर्थिक अधिकार सुनिश्चित करने की मांग शामिल रही.
धरोहर संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों पर दिया गया जोर
बैठक में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी, भारतीय कला अकादमी और उपेंद्र महारथी कला शिल्प संस्थान की क्षेत्रीय शाखाएं गया में स्थापित करने की मांग उठी. साथ ही नियमित नाट्य महोत्सव, चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत और लोककला से जुड़ी कार्यशालाओं के आयोजन पर भी बल दिया गया. डॉ. प्रेम कुमार ने आश्वस्त किया कि कलाकारों की सभी मांगों पर कला एवं संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग तथा राज्य सरकार के संबंधित विभागों के साथ गंभीरता से विचार किया जाएगा.
कलाकार पेंशन और सामाजिक सुरक्षा का भी उठा मुद्दा
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया केवल ज्ञान और मोक्ष की भूमि ही नहीं, बल्कि समृद्ध कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का भी केंद्र है. उन्होंने कांटा स्टेट, टिल्हा धर्मशाला, रामशिला पहाड़ी स्थित प्राचीन मंदिर, अक्षयवट तथा पालकालीन पिता-महेश्वर मंदिर जैसी धरोहरों के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया. बैठक में कलाकारों ने वरिष्ठ कलाकार पेंशन योजना की आय सीमा 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.60 लाख रुपये करने, आधुनिक कला दीर्घा के निर्माण, कलाकार संघों के गठन, गुरु-शिष्य परंपरा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, गया में आकाशवाणी केंद्र की स्थापना तथा कला को आजीविका बनाने वाले कलाकारों को असंगठित मजदूर की श्रेणी में शामिल कर सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने की मांग भी उठाई.
