Gayaji News : पर्वत पुरुष बाबा दशरथ मांझी की कर्मभूमि गहलौर में सोमवार को दशरथ मांझी महोत्सव का आयोजन किया गया. महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार, अतरी विधायक रोमित कुमार, जिला पर्षद अध्यक्ष नैना कुमारी और उपाध्यक्ष डॉ शीतल यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. नवोदय विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बाबा दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया.
जीतन राम मांझी बोले- केवल महोत्सव मनाना पर्याप्त नहीं, गहलौर का विकास जरूरी
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि बाबा दशरथ मांझी ने कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव लगने वाले कार्य को संभव कर दिखाया. उनके नाम पर केवल महोत्सव मनाना पर्याप्त नहीं है. उनके जीवन से प्रेरणा लेकर गहलौर के विकास के लिए छोटे-छोटे कार्यों को धरातल पर उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
थाना में बल और अस्पताल में डॉक्टर-दवा की कमी दूर करने की मांग
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गहलौर में थाना, अस्पताल समेत कई सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं, लेकिन थाना में पर्याप्त पुलिस बल और अस्पताल में चिकित्सकों व दवाओं की कमी जैसी समस्याएं अभी भी हैं. इन समस्याओं को दूर करने की जरूरत है. उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए सक्रियता से काम करने की अपील की.
22 साल में पहाड़ काटकर बनाया रास्ता, घाटी को तीन फीट और गहरा करने की मांग
जीतन राम मांझी ने कहा कि बाबा दशरथ मांझी ने 22 वर्षों तक कठिन मेहनत कर पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया. वर्तमान में घाटी की ऊंचाई अधिक होने के कारण वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की शिकायतें मिलती हैं. घाटी को करीब तीन फीट और गहरा करने की मांग जिला प्रशासन से लगातार की जा रही है. उन्होंने बताया कि घाटी की लंबाई करीब 307 फीट है और इस समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए.
दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग दोहरायी
केंद्रीय मंत्री ने बाबा दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग भी दोहरायी. उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे. उन्होंने कहा कि बाबा का जीवन संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है और उन्हें उचित राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए.
विधानसभा अध्यक्ष बोले- बाबा ने साबित किया, संकल्प से हर मुश्किल आसान
विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि बाबा दशरथ मांझी के पास न आधुनिक मशीन थी और न पर्याप्त संसाधन, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने पहाड़ काटकर लोगों के आवागमन का रास्ता बनाया. उनका जीवन बताता है कि मजबूत संकल्प और निरंतर मेहनत से हर कठिनाई को आसान बनाया जा सकता है. समाज में बदलाव के लिए बड़े पद की जरूरत नहीं, बल्कि कर्म और इच्छाशक्ति जरूरी है.
गहलौर में डिग्री कॉलेज खोलने और पेयजल समस्या दूर करने की मांग
महोत्सव के दौरान बाबा दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी ने गहलौर में डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग रखी. उन्होंने कॉलेज का नाम बाबा दशरथ मांझी के नाम पर रखने तथा गहलौर अनुसूचित टोला में पेयजल की समस्या दूर कराने की मांग की. केंद्रीय मंत्री ने पेयजल समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया.
नशामुक्ति अभियान को सफल बनाने पर भी दिया जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि पदाधिकारी सक्रिय होकर कार्य करें तो नशामुक्ति अभियान को भी सफल बनाया जा सकता है. उन्होंने लोगों से बाबा दशरथ मांझी के जीवन से प्रेरणा लेने और क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की. मंच से अपने पुराने दिनों को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री भावुक भी हो गये. उन्होंने कहा कि अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर ही वह जीवन में आगे बढ़े हैं.
महोत्सव में गुरुआ विधायक उपेंद्र प्रसाद, अतरी विधायक रोमित कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.
