Gaya News: बेलागंज प्रखंड क्षेत्र के भलुआ वन गांव निवासी मो जफरूद्दीन के पुत्र पुलिस निरीक्षक मो अफसर हुसैन का वीरता पदक के लिए चयन हुआ है, उनकी इस उपलब्धि से भलुआ वन गांव सहित पूरे बेलागंज प्रखंड में गर्व और खुशी का माहौल है, वर्तमान में मो अफसर हुसैन पटना जिले के बेउर थाने में थानाध्यक्ष के पद पर पदस्थापित हैं, भारत सरकार की ओर से उनके साहसिक और सफल अभियान के लिए उन्हें वीरता पदक से सम्मानित किया जायेगा, राष्ट्रपति द्वारा उन्हें सम्मानित किये जाने की जानकारी से क्षेत्र के लोगों में उत्साह है.
2020 में एसटीएफ में रहते निभायी थी अहम भूमिका
मो अफसर हुसैन वर्ष 2020 में बिहार एसटीएफ में तैनात थे, इसी दौरान 10 जुलाई 2020 को वाल्मीकिनगर के लोकरिया थाना क्षेत्र के जंगल में पुलिस और कुख्यात नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, उस समय तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक मो अफसर हुसैन ने इस साहसिक अभियान का नेतृत्व किया था.
मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गये
पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गये थे, अभियान के बाद पुलिस टीम ने मौके से पुलिस से लूटी गयी एक एके-47, तीन एसएलआर, एक रायफल, करीब एक हजार राउंड जिंदा कारतूस, 80 आईईडी और डेटोनेटर बरामद किये थे, इस सफल अभियान में प्रदर्शित साहस और नेतृत्व को देखते हुए मो अफसर हुसैन का चयन वीरता पदक के लिए किया गया है.
गांव में खुशी, लोगों ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
मो अफसर हुसैन के वीरता पदक के लिए चयन की खबर मिलते ही भलुआ वन गांव और आसपास के इलाकों में खुशी की लहर दौड़ गयी, ग्रामीण मो हारून, मो नौशाद सहित अन्य लोगों ने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, लोगों का कहना है कि मो अफसर हुसैन ने अपने साहस और कर्तव्यनिष्ठा से न सिर्फ गांव बल्कि पूरे बेलागंज क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है.
वहीं, डॉ सुरेंद्र कुमार, महेश शर्मा, रामविनय सिंह और नोनू सिंह ने भी मो अफसर हुसैन के चयन पर हर्ष व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, पुलिस सेवा में रहते हुए साहस और कर्तव्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने बेलागंज का मान बढ़ाया है.
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