बोधगया. निरंजना नदी में बालू उठाव के दौरान बुधवार को अमवां गांव के पास से भगवान विष्णु की एक अति-प्राचीन मूर्ति बरामद की गयी है. काले पत्थर पर उकेरी गई यह दुर्लभ प्रतिमा जैसे ही नदी से बाहर निकाली गयी, इलाके में सनसनी फैल गयी. मूर्ति मिलने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते नदी किनारे भगवान विष्णु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बालू खनन के दौरान यह मूर्ति नदी की सतह से करीब 8-10 फुट नीचे दबी हुई मिली थी. इतनी गहराई में इसके दबे होने के कारण यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह प्रतिमा सैकड़ों साल पुरानी हो सकती है. वहीं, स्थानीय लोगों के बीच यह कयास भी जोरों पर है कि संभवतः सालों पहले तस्करों या चोरों ने इस बेशकीमती मूर्ति को चुराया होगा और पकड़े जाने के डर से इसे नदी की रेत में छिपा दिया होगा, जिसे वे बाद में निकाल नहीं सके. मूर्ति बरामद होने के बाद ग्रामीणों ने आपसी सहमति से इसे अस्थायी तौर पर अमवां ठोकर के पास स्थित शिव मंदिर में सुरक्षित रखवा दिया है. श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से मूर्ति की पूजा-अर्चना शुरू कर दी है. इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे अमवां स्थित पेट्रोल पंप संचालक नंदकिशोर प्रसाद ने फिलहाल मूर्ति की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने की बात कही है. साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को सुझाव दिया है कि भविष्य में भगवान विष्णु का एक भव्य मंदिर बनाकर इस प्रतिमा को स्थायी रूप से वहां स्थापित किया जाये. हालांकि, अब तक इस अति-प्राचीन मूर्ति के मिलने की आधिकारिक सूचना पुरातत्व विभाग या स्थानीय प्रशासन को देने की बात सामने नहीं आयी है. यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस पुरातात्विक महत्व की धरोहर को संरक्षित करने के लिए क्या कदम उठाता है.
निरंजना नदी में बालू खनन के दौरान मिली भगवान विष्णु की अति-प्राचीन मूर्ति
निरंजना नदी में बालू उठाव के दौरान बुधवार को अमवां गांव के पास से भगवान विष्णु की एक अति-प्राचीन मूर्ति बरामद की गयी है.
