Ahilyabai Holkar Death Anniversary: अहिल्याबाई होलकर विचार मंच व गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में सावित्री महाजन सभागार में लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की 231वीं पुण्यतिथि पर स्मरणोत्सव आयोजित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मंच के संरक्षक सह रामानुजाचार्य मठ के महंत स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य महाराज, कॉलेज की प्राचार्य डॉ सीमा पटेल, अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद प्रेमी, सचिव काशीनाथ प्रसाद व डॉ राम सिंहासन सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इसके बाद शिक्षकों व छात्राओं ने महारानी अहिल्याबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.
अहिल्याबाई नारी शक्ति और लोककल्याण की अद्वितीय प्रतीक : डॉ सीमा पटेल
मुख्य वक्ता प्राचार्य डॉ सीमा पटेल ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर नारी शक्ति, न्यायप्रियता, साहस और लोककल्याण की अद्वितीय प्रतीक थीं. उन्होंने अपना पूरा जीवन लोकहित और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित किया.
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने अपनी संपत्ति का उपयोग व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं के बजाय जनकल्याण के कार्यों में किया तथा देश के अनेक तीर्थस्थलों और मंदिरों का जीर्णोद्धार कर भारतीय संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया. गया जी का विष्णुपद मंदिर इसका प्रमुख उदाहरण है. डॉ सीमा पटेल ने छात्राओं से अहिल्याबाई की सादगी, अनुशासन, धैर्य और संघर्षशीलता से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की सीख
विशिष्ट वक्ता महंत वेंकटेश प्रपन्नाचार्य महाराज ने प्रतिभागियों को शुभाशीष देते हुए अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की सीख दी. अध्यक्षीय संबोधन में डॉ सच्चिदानंद प्रेमी ने कहा कि अहिल्याबाई केवल शासक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, वास्तुकला और धर्म की संरक्षिका थीं.
भाषण प्रतियोगिता में राजनंदिनी रहीं प्रथम
इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में राजनंदिनी प्रथम, दिव्यांशी सिन्हा द्वितीय, लक्ष्मी कुमारी तृतीय और रीति कुमारी चतुर्थ स्थान पर रहीं. निबंध प्रतियोगिता में दिव्यांशी सिन्हा प्रथम, लक्ष्मी कुमारी द्वितीय, राजनंदिनी तृतीय और रीति कुमारी चतुर्थ स्थान पर रहीं. सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का संचालन डॉ विनीता कुमारी जायसवाल ने किया.
