योजना: गया कॉलेज प्रबंधन ने पास किया प्रस्ताव, तैयार होगा मिनी स्टेडियम

गया: गया कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज परिसर के अंदर ही एक मिनी स्टेडियम तैयार करने के प्रस्ताव पर हरी झंडी दे दी है. मिनी स्टेडियम के ख्वाब को धरातल पर उतारने के लिए प्रबंधन ने खेल विभाग से स्टेडियम के प्रारूप व लागत के बाबत तत्काल प्रभाव से रिपोर्ट तलब की है. प्रबंधन का दावा […]

गया: गया कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज परिसर के अंदर ही एक मिनी स्टेडियम तैयार करने के प्रस्ताव पर हरी झंडी दे दी है. मिनी स्टेडियम के ख्वाब को धरातल पर उतारने के लिए प्रबंधन ने खेल विभाग से स्टेडियम के प्रारूप व लागत के बाबत तत्काल प्रभाव से रिपोर्ट तलब की है. प्रबंधन का दावा है कि खेल व खिलाड़ियों के उत्थान के में मद में पर्याप्त धन है. खेल व खिलाड़ी की बेहतरी के लिए हर संभव कदम उठाये जायेंगे. गौरतलब है कि कॉलेज के पास पहले से ही खेल विभाग के मानकों के अनुरूप एक खेल परिसर है.
इस परिसर में बड़ी संख्या में खिलाड़ी सुबह-शाम अपनी प्रतिभा में निखार लाने के लिए अभ्यास करते रहते हैं. यही नहीं उस परिसर में जिन कॉलेजों के पास खेल मैदान नहीं है वहां के खिलाड़ी भी अभ्यास करते हैं. इसके अलावा कॉलेज के पास एक जिमनाजियम भी है, जहां अच्छी संख्या में विद्यार्थी अभ्यास करते हैं. इन तमाम सुविधाओं के बावजूद खेल विभाग को एक मिनी स्टेडियम की कमी वर्षों से खल रही थी.
उस कमी को दूर करने के लिए बीते दिनों खेल विभाग ने प्रिंसिपल डॉ शमसुल इस्लाम के समक्ष विधिवत रूप से प्रस्ताव रखा. प्रस्ताव में बताया गया था कि बास्केटबॉल व वॉलीबाॅल के अभ्यास के लिए उसके पास ग्राउंड नहीं है, जबकि इस खेल में बेहतर प्रदर्शन करनेवाले खिलाड़ियों की संख्या अच्छी खासी है. उन खिलाड़ियों ने बीते दिनों हुई अंतर महाविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया है. उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए कॉलेज के पास मिनी स्टेडियम होना चाहिए. खेल विभाग के इस प्रस्ताव से प्रिंसिपल ने सहमति जतायी है. उन्होंने स्टेडियम का प्रारूप व संभावित लागत की रिपोर्ट मांगी है. सूत्रों का कहना है कि प्रिंसिपल ने इस मसले पर अपनी स्वीकृति दे दी है.
नहीं अपनाया जायेगा ढुलमुल रवैया
खेल व खिलाड़ियों के विकास के लिए कॉलेज प्रबंधन हर संभव मदद के लिए तैयार है. इस मसले पर किसी भी शर्त पर ढुलमुल रवैया नहीं अपनाया जा सकता है. मुझे अपने खिलाड़ियों के ऊपर भरोसा है. उन्हें बेहतर सुविधा मिलेगी तो वे भविष्य में न केवल कॉलेज बल्कि राज्य व देश का नाम रोशन करेंगे.
शमसुल इस्लाम, प्रिंसिपल, गया कॉलेज

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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