मीडिया के प्रतिनिधियों के सामने ऊपरोक्त कार्यक्रम की रूपरेखा पेश करते हुए उन्होंने कहा कि देश व समाज की तरक्की में हमारे नागरिकों के बीच आपसी प्रेम, भाईचारा, मानवता व सहयोग आदि का काफी महत्व है. हमारे व्यक्तित्व के इन अवयवों को विकसित करने और मजूबत बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास होना चाहिए. उनके साथ संवाददाता सम्मेलन में मौजूद श्री आलम ने कहा कि बोधगया में होनेवाला आयोजन अपने तरह के कार्यक्रमों की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा है. इसकी शुरुआत महात्मा बुद्ध की धरती बोधगया से हो रही है. उनके मुताबिक, बोधगया के बाद ऐसा ही कार्यक्रम बनारस में भी रखा जायेगा. इसके पश्चात केरल व तमिलनाडु में भी ऐसे आयोजन होंगे.
एमयू में अंतरधार्मिक समन्वय पर दो दिवसीय सेमिनार आज से
बोधगया : मगध विश्वविद्यालय (एमयू) में शनिवार से एक दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन होने जा रहा है. सेमिनार का विषय अंतरधार्मिक समन्वय पर आधारित होगा. इसमें अलग-अलग छह प्रमुख धर्मों के प्रतिनिधि न केवल हिस्सा लेंगे, बल्कि अपनी बातें भी रखेंगे. यह जानकारी कुलपति (वीसी) मोहम्मद इश्तियाक ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन […]

बोधगया : मगध विश्वविद्यालय (एमयू) में शनिवार से एक दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन होने जा रहा है. सेमिनार का विषय अंतरधार्मिक समन्वय पर आधारित होगा. इसमें अलग-अलग छह प्रमुख धर्मों के प्रतिनिधि न केवल हिस्सा लेंगे, बल्कि अपनी बातें भी रखेंगे. यह जानकारी कुलपति (वीसी) मोहम्मद इश्तियाक ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दी. बताया गया है कि रविवार को इस आयोजन के समापन समारोह में राज्यपाल रामनाथ कोबिंद भी हिस्सा लेंगे. संवाददाता सम्मेलन में कुलपति महोदय के साथ ऊपरोक्त आयोजन में एमयू के बुद्धिस्ट अध्ययन विभाग व दूरस्थ शिक्षा निदेशालय का साथ सहयोग कर रही दिल्ली की संस्था इंस्टीच्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज के अध्यक्ष मंजूर आलम भी मौजूद थे.
संवाददाताओं से बातचीत के दौरान वीसी ने कहा कि देश में विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं. यह हमारी ताकत भी है. पर, इसी में कभी-कभार हमारी कमजोरियां भी सामने आ जाती हैं, जो देश व समाज के लिए ठीक नहीं है. समाज इस तरह की कमजोरियों का शिकार न हो, यह सुनिश्चित करने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है.
इस स्थिति को देखते हुए ही ऊपरोक्त कार्यक्रम का यहां आयोजन किया जा रहा है.
जो रखेंगे अपने-अपने धर्मों का पक्ष
समारोह में हिंदू धर्म के प्रतिनिधि के रूप में पंडित रामाचार्य अपनी बातें रखेंगे. बौद्ध व जैन धर्म का प्रतिनिधित्व क्रमश: तेंजिंग लामा थापके और सिस्टर खुशी कुमारी को करना है. इस्लाम पर बोलने के लिए युसुफ रिजवी कार्यक्रम में उपलब्ध रहेंगे. सेमिनार में सरदार करनैल सिंह उर्फ ज्ञानी जी भी शिरकत करेंगे. वह सिख धर्म के प्रतिनिधि होंगे. इसी तरह क्रिश्चियन प्रतिनिधि के रूप में सिस्टर मनीषा सेमिनार को संबोधित करेंगी.