शुक्रवार को गया पहुंचे श्री यादव ने सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि जिस देश में आजादी के लिए जान देने वाले भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद के परिजनों को देखने की किसी को फुरसत नहीं, उस देश में सीमा पर शहीद होने वालों को मान-सम्मान मिले, इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती है. इन सभी के नाम पर सिर्फ वोट बैंक का जुगाड़ किया जाता है. केंद्र हो राज्य सरकार, अगर शहीदों के प्रति इतना ही सम्मान है, तो फिर पंजाब व हरियाणा में रह रहे शहीदों के परिवारों का हाल क्यों नहीं जान लेते. उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां अपराधियों का महिमामंडन करना छोड़ शहीदों के परिवार पर ध्यान दे. सांसद शहीद नायक एसके विद्यार्थी के परिजनों से मिलने उनके गांव बोकनारी भी गये.
शहीदों के नाम पर होती है राजनीति : पप्पू यादव
गया: जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद पप्पू यादव ने कहा कि देश में शहीदों के नाम पर सिर्फ राजनीति होती है. अपने राजनीतिक लाभ के लिए हर कोई इनका इस्तेमाल करता है. स्वार्थ सिद्ध होने के बाद शहीदों के परिवार को कोई भी याद नहीं करता. शुक्रवार को गया पहुंचे श्री यादव […]

गया: जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद पप्पू यादव ने कहा कि देश में शहीदों के नाम पर सिर्फ राजनीति होती है. अपने राजनीतिक लाभ के लिए हर कोई इनका इस्तेमाल करता है. स्वार्थ सिद्ध होने के बाद शहीदों के परिवार को कोई भी याद नहीं करता.
अपराधियों का गुलाम है मगध, इसे चाहिए आजादी : सांसद पप्पू यादव ने कहा कि मगध अपराधियों का गुलाम है. यह प्रमंडल 100% अपराधियों के हाथों में है. इसे आजादी चाहिए. यह प्रमंडल नक्सल, क्रशर, पहाड़, स्वास्थ्य व शिक्षा माफियाओं का हब बन चुका है. बिहार के सारे माफिया यहीं मिल जायेंगे. श्री यादव ने कहा कि यह तो अच्छा है कि मगध में गया जैसा धर्मिक स्थल है, वरना तो हर घर में एके 47 होता. स्वास्थ्य व एजुकेशन के नाम पर बिहार में सबसे ज्यादा लूट मगध प्रमंडल में है. इन माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है. वे आकाओं के दम पर लोगों को लूट रहे हैं.
अपराधियों को रहनुमा मानती हैं राजनीतिक पार्टियां : श्री यादव ने कहा कि आज की तारीख में तमाम राजनीतिक पार्टियां अपराधियों को अपना रहनुमा मानती हैं. राजनेताओं ने हर अपराधी को उसकी जाति का नेता बना दिया है. पार्टियों को पता है कि उनका वोट और संगठन अपराधियों की मदद से चल सकता है. स्थिति यह हो गयी है कि सत्ता और विपक्ष दोनों पार्टियां अपने अपने समर्थन में रहने वाले अपराधियों का हिसाब करने में लगी है.
जहां व्यवस्था नहीं, उस स्कूल को जला दे जनता : सांसद ने कहा कि बिहार में सरकारी स्कूल और अस्पताल के नाम पर लूट मची है. कई ऐसे स्कूल हैं जहां मास्टर नहीं जाते, अस्पताल हैं जहां डॉक्टर नहीं जाते. व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नहीं है. जबकि इन सब का भारी-भरकम बिल बन रहा है. हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है. अब तो एक ही उपाय है कि पब्लिक इन स्कूलों और अस्पतालों को जला दे या फिर ध्वस्त कर दे. जब उसकी उपयोगिता ही नहीं है, तो फिर उसके रहने का कोई मतलब नहीं बनता.