शहीदों की पत्नियों को रोजगार दे सरकार

गया/ परैया : भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने उड़ी में शहीद बिहार के रहनेवाले सभी जवानों की पत्नियों को रोजगार मुहैया कराने की मांग राज्य सरकार से की है. सर्किट हाउस में पत्रकारों के साथ बात करने के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार के रहनेवाले तीनों शहीद जवानों की पत्नियां पढ़ी-लिखी हैं. ऐसे […]

गया/ परैया : भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने उड़ी में शहीद बिहार के रहनेवाले सभी जवानों की पत्नियों को रोजगार मुहैया कराने की मांग राज्य सरकार से की है. सर्किट हाउस में पत्रकारों के साथ बात करने के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार के रहनेवाले तीनों शहीद जवानों की पत्नियां पढ़ी-लिखी हैं. ऐसे में राज्य सरकार उन लोगों के लिए रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने शहीद जवानों को 20-20 लाख रुपये देने की घोषणा की है. ऐसे में बिहार सरकार भी कम से कम शहीदों के परिवार को 21-21 लाख रुपये दें. श्री मोदी ने कहा कि शहीद की पत्नी गया शहर में रह कर अपने बच्चों को पढ़ा रही हैं. राज्य सरकार जिला प्रशासन के स्तर पर उन्हें शहर में आवास मुहैया कराये. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने स्तर पर भी मदद कर रही है. हर शहीद के परिवार को विभिन्न मदों से 53 लाख रुपये दिये जायेंगे. इससे पहले सुशील मोदी शहीद एसके विद्यार्थी के गांव बोकनारी भी गये और परिजनों को सांत्वना दिये.

शहाबुद्दीन से डरती है राज्य सरकार
प्रेस वार्ता के दौरान श्री मोदी ने राजद नेता शहाबुद्दीन की रिहाई पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने शहाबुद्दीन को अपराधी करार देते हुए कहा कि उससे राज्य सरकार डरती है. यही कारण है कि उसके मामले में जानबूझ कर सरकारी स्तर पर कोर्ट में केस को कमजोर करने की कोशिश की गयी. कमजोर तथ्य रखे गये. श्री मोदी ने कहा कि जिस तरह से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल खड़ा कर मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जदयू से निष्कासित कराया. क्या नीतीश कुमार इतनी हिम्मत दिखा सकते कि लालू प्रसाद यादव पर दबाव बना कर शहाबुद्दीन को पार्टी से निष्कासित करवाएं? जिस व्यक्ति की वजह से बिहार बदनाम हो रहा है, उसकी क्यों मदद की जा रही है? श्री मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के पास अब भी वक्त है. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में शहाबुद्दीन के खिलाफ अच्छे वकील रखे जायें, साथ ही मजबूत तथ्य पेश किये जायें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >