यहां के लोग हर तरह से सहयोग करने को तत्पर रहते हैं. शहर की व्यवस्था के बारे में कहा कि सरकार मेला के दौरान और व्यवस्था आसानी से कर सकती है. मंदिर परिसर में जगह की कमी है. इससे यहां आये तीर्थयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने बताया कि शहर धर्म की नगरी है, यहां देश विदेश से पिंडदान के लिए लोग पहुंचते हैं. छोटे-छोटे सहयोग से यहां का बड़ा विकास किया जा सकता है. सबकुछ सरकार पर छोड़ देना उचित नहीं होगा. यहां हमारे परिवार की ओर से विचार कर कुछ विकास के काम में सहयोग करने का प्रयास किया जायेगा. विष्णु की नगरी को सुंदर बनाने हर किसी का दायित्व है. यहां मंदिर के बाहर व घाटों पर जगह की कमी है. इसके बाद भी प्रशासन के अधिकारी यहां आये पिंडदानियों को सुविधा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. उन्होंने कहा कि यहां 15 सितंबर को पहुंचा पूरा परिवार 30 सितंबर तक श्राद्ध कर्म करेगा. यहां पहुंचकर पूरा परिवार खुश है.
38 साल बाद 50 पूर्वजों का पटवारी परिवार पिंडदान करने पहुंचा धाम
गया: अपने परिवार के 41 सदस्यों के साथ चार पीढ़ी के 50 पूर्वजों का पिंडदान करने गया पहुंचा है हैदराबाद का पटवारी परिवार. इनमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं. राजस्थान भवन में परिवार के सदस्य वंशीलाल, सुरेश चंद, राजेश गुप्ता व कमलेश कुमार आदि ने बताया कि इससे पहले गयाजी 1978 में पितृपक्ष के […]

गया: अपने परिवार के 41 सदस्यों के साथ चार पीढ़ी के 50 पूर्वजों का पिंडदान करने गया पहुंचा है हैदराबाद का पटवारी परिवार. इनमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं. राजस्थान भवन में परिवार के सदस्य वंशीलाल, सुरेश चंद, राजेश गुप्ता व कमलेश कुमार आदि ने बताया कि इससे पहले गयाजी 1978 में पितृपक्ष के मौके पर उनके पूर्वज पिंडदान करने पहुंचे थे. मूलत: वह राजस्थान के झुंझुनू जिला के टिवा वसई के रहनेवाले हैं. पूरा परिवार इन दिनों हैदराबाद शहर गोसामहल दारूसलम मुहल्ले में व्यवसाय के सिलसिले में जाकर बस गया है. परिवार के सदस्यों ने बताया कि गया के बारे में जितना सुना था, यहां पहुंच कर इससे अलग पाया.
पितृ दीपावली पर कार्यक्रम आयोजित: पितृ दीपावली के मौके पर परिवार की ओर से विष्णुपद प्रांगण में सजावट, मंदिर की सजावट व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. परिवार के सदस्यों ने बताया कि 28 सितंबर को देव दीपावली के मौके पर कोलकाता से भजन गायक बुलाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा. इसके लिए जिला प्रशासन व मंदिर प्रबंधकारिणी समिति से अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा है. इस मौके पर शहर के सभी नागरिकों व पिंडदानियों को परिवार की ओर से आमंत्रित किया जा रहा है.