परिजनों ने नाबालिग बता कर शेरघाटी थाने में अपरहण का दर्ज कराया है मामला
अपहरण में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने युवक के पिता को किया गिरफ्तार
कोलकाता/गया : एक युवती के साथ प्रेम विवाह करने की सजा उसके पिता को जेल में रह कर भुगतनी पड़ रही है. 70 वर्षीय पिता जेल की सलाखों के पीछे रहने को मजबूर हैं. घटना बिहार के गया जिला अंतर्गत शेरघाटी के बड़ीटोला की है. जानकारी के मुताबिक युवती अपने पास के इलाके में रहनेवाले युवक अमरनाथ सिंह (28) से प्रेम विवाह कर 31 जुलाई को उसके साथ कोलकाता आ गयी.
युवती को 16 वर्षीय नाबालिग बता कर उसके परिवारवालों ने स्थानीय थाने में युवक व उसके परिवारवालों के खिलाफ युवती का अपहरण करने की शिकायत दर्ज करायी. शेरघाटी थाने की पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर युवक के पिता को गिरफ्तार कर लिया और अमरनाथ को गिरफ्तार करने कोलकाता आयी.
कोलकाता आने के बाद युवती ने बऊबाजार थाने के अधिकारियों को कागजात दिखा कर खुद को 21 वर्षीय बालिग बताया.
साथ ही, कोलकाता में ही उसने कोर्ट में अमरनाथ से विवाह भी कर लिया. कोलकाता आने के बाद शेरघाटी थाने की पुलिस को बऊबाजार थाने से युवती के 21 वर्षीय होने की जानकारी मिली. इसके बाद बिहार पुलिस ने युवती को कोर्ट में जाकर अपनी मरजी से शादी करने का बयान दर्ज कराने को कहा, लेकिन सुरक्षा का हवाला देते हुए उसने बिहार जाकर बयान देने से इनकार किया और कोलकाता के कोर्ट में बयान देने को राजी हुई.
समय के अभाव के कारण बिहार पुलिस कोलकाता के कोर्ट में बिना युवती का बयान दर्ज कराये शेरघाटी वापस लौट गयी. इस प्रक्रिया के पूरा नहीं होने के कारण अमरनाथ के पिता को पुलिस हिरासत से जेल भेज दिया गया. इस मामले में कोलकाता के बऊबाजार थाने की पुलिस ने बताया कि युवती बालिग है. बिहार पुलिस ने युवती से पूछताछ कर खुद की मरजी से शादी करने का लिखित बयान भी लिया है. इसके बावजूद युवक के पिता को जेल में क्यों रखा गया है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है.
वहीं, शेरघाटी थाने के अधिकारी बताते हैं कि उन्होंने लिखित बयान लिया है, लेकिन युवती को कोर्ट में भी अपना बयान देना होगा. कोलकाता के कोर्ट में युवती को अपना बयान दर्ज करवाने की दूसरी तारीख अभी नहीं मिली है. इसके कारण वह मामले को खत्म नहीं कर पा रहे हैं. वह कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इस मामले को खत्म किया जा सके. इस दावं-पेच में फंस कर 70 वर्षीय पिता को जेल की सलाखों में दिन गुजारना पड़ रहा है.
