बोधगया: टॉपर्स घोटाले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किये गये मगध विश्वविद्यालय के कर्मचारी सदानंद कुमार को एमयू प्रशासन अब निलंबित करने की तैयारी में है. सदानंद कुमार एमयू की परीक्षा शाखा में सहायक के पद पर कार्यरत थे और उन्हें इंटर की परीक्षा के लिए गुजरात से मंगायी गयी उत्तर पुस्तिकाओं के हेरफेर में शामिल रहने के आरोप में विगत 17 अगस्त को पटना पुलिस ने गया स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया था.
सदानंद को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है. एमयू के कर्मचारी को टॉपर्स घोटाले में संलिप्त होने व उसके बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने के मामले को लेकर अब एमयू प्रशासन ने सदानंद कुमार को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
एमयू प्रशासन ने पिछले दिनों सदानंद कुमार के घर नोटिस भेजा था, जिसमें पूछा गया था कि बगैर सूचना के दो दिनों से गायब रहने को लेकर स्पष्टीकरण दिया जाये. जानकारी के अनुसार, सदानंद कुमार के घरवालों ने एमयू प्रशासन द्वारा भेजे गये नोटिस को रिसीव नहीं किया था. इसके बाद कुलसचिव कार्यालय से पटना के एसएसपी मनु महाराज से इस बारे में विशेष जानकारी मांगी गयी है व इसके बाद कर्मचारी सदानंद कुमार को निलंबित करने की प्रक्रिया तेज कर दी जायेगी. एमयू के कुलसचिव डॉ सीताराम सिंह ने बताया कि पटना एसएसपी से जानकारी मांगी गयी है व जल्द ही निलंबन की दिशा में काम शुरू कर दिया जायेगा.
उल्लेखनीय है कि पटना के कोतवाली थाने में सदानंद कुमार के खिलाफ टॉपर्स घोटाले में संलिप्त होने का मामला दर्ज है और इसे लेकर विगत 17 अगस्त को पुलिस ने सदानंद कुमार को उनके पंचायती अखाड़ा स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया था.
