पिता की बीमारी से आहत अंजलि बनना चाहती है न्यूरो सर्जन

गया: मगध काॅलोनी, रोड संख्या-चार की रहनेवाली अंजलि भारद्वाज ने मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए दी जानेवाली परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी एंड इंट्रेस टेस्ट (नीट) में आॅल इंडिया में 7000वां रैंक हासिल की है. अंजलि भारद्वाज न्यूरोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल करना चाहती है. उसने बताया कि उसके पिता मंटू शर्मा पंजाब नेशनल बैंक की चंदौती […]

गया: मगध काॅलोनी, रोड संख्या-चार की रहनेवाली अंजलि भारद्वाज ने मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए दी जानेवाली परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी एंड इंट्रेस टेस्ट (नीट) में आॅल इंडिया में 7000वां रैंक हासिल की है. अंजलि भारद्वाज न्यूरोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल करना चाहती है.

उसने बताया कि उसके पिता मंटू शर्मा पंजाब नेशनल बैंक की चंदौती शाखा में वरीय प्रबंधक पद पर कार्यरत हैं. बीते वर्ष उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी. जटिल आॅपरेशन व न्यूरोलॉजी के अच्छे विशेषज्ञों की कमी ने ही अंजलि को न्यूरोलॉजी की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया.

वह चिकित्सा को व्यवसाय बना लिये जाने से काफी दुखी है. वह कहती है कि विशेषज्ञ बनने के बाद उसकी कोशिश होगी कि वह ज्यादा से ज्यादा गरीबों की मदद कर सके. अंजलि कहती है कि डाॅक्टर कभी व्यवसायी नहीं बन सकता, उसका काम सेवा करना है. इधर, अंजलि की सफलता से उसके पिता मंटू शर्मा व मां जानकी शर्मा भी काफी खुश हैं. पिता श्री शर्मा ने कहा कि अंजलि पढ़ाई में बहुत तेज तो नहीं रही है, लेकिन वह पढ़ाई में बहुत मेहनत करती थी. यह दृढ़ इच्छाशक्ति ही थी, उसे सफलता मिली. पहले दो साल उसने राजस्थान के कोटा में रह कर पढ़ाई की, बीते एक साल से पटना में रह कर तैयारी कर रही थी. यह उसका तीसरा प्रयास था.

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