रंगदारी नहीं देने पर की हत्या अब काटेगा उम्रकैद की सजा

गया: गया व्यवहार न्यायालय स्थित जिला व सत्र न्यायाधीश सजल मंदिलवार की अदालत ने रंगदारी नहीं देने पर हत्या करने के एक मामले में मंगलवार को अभियुक्त पिंटू शर्मा को उम्रकैद व 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी. साथ ही, कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल का कारावास भी भुगतने का […]

गया: गया व्यवहार न्यायालय स्थित जिला व सत्र न्यायाधीश सजल मंदिलवार की अदालत ने रंगदारी नहीं देने पर हत्या करने के एक मामले में मंगलवार को अभियुक्त पिंटू शर्मा को उम्रकैद व 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनायी. साथ ही, कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल का कारावास भी भुगतने का आदेश दिया. गया शहर स्थित डेल्हा थाने में दर्ज कांड संख्या 18/09 में करीब सात साल बाद कोर्ट का फैसला आया है.

रंगदारी, फिर हत्या के इस मामले में कृष्णा यादव सूचक थे. क्राइम फाइल के मुताबिक, पिंटू शर्मा ने गाेपाल पासवान से 17 फरवरी, 2009 काे एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी. रुपये नहीं देने की स्थिति में डेल्हा थाने के मार्शलिंग यार्ड के पास गोपाल पासवान की पिंटू शर्मा ने गाेली मार कर हत्या कर दी थी. इस घटना में अभियाेजन की आेर से नाै गवाहाें ने अपनी गवाही दी.

इनमें काली पासवान, श्रीराम पासवान, रवि कुमार, शंभुनाथ यादव, कृष्णा यादव, डॉ शिवनारायण सिंह, डॉ अरविंद कुमार सिंह, हरिनारायण सिंह (दूसरे अनुसंधान अधिकारी) व माेहम्मद ताहिर खान (पहले अनुसंधान अधिकारी) हैं. उधर, बचाव पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र कुमार सिन्हा ने अभियुक्त की आेर से गुजारिश की थी कि यह उसका पहला अपराध है व उम्र (35) भी कम है. उधर, अभियाेजन पक्ष के वकील ने अपनी दलील में कहा था कि यह नृशंस हत्या व घृणित काम है. आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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