दुर्दशा. वार्ड नंबर-3 में कई घरों में घुस रहा गंदा पानी, जर्जर हो रही इमारत
खरखुरा-भलुआही तालाब पर लोगों ने अतिक्रमण कर मकान बना लिये हैं. इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गयी हैं. तालाब में पानी ओवरफ्लो होने से लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है. इससे कई घर जर्जर व क्षतिग्रस्त हो गये हैं.
गया : वार्ड नंबर तीन के खरखुरा-भलुआही तालाब पर अतिक्रमण होने के कारण तालाब का पानी घरों में घुसना शुरू हो गया है. इससे कई मकान कमजोर व क्षतिग्रस्त हो गये हैं. रोड पर नाले का पानी आकर जमा है. तालाब के गंदे पानी के दुर्गंध से लोगों का इधर रहना मुहाल हो गया है. गौरतलब है कि 10 वर्ष पहले तक साढ़े पांच एकड़ में खरखुरा-भलुआही तालाब से आसपास के खेतों में पटवन होता था.
लेकिन, धीरे-धीरे लोगों ने तालाब के पानी निकासीवाले रास्ते पर कब्जा कर मकान निर्माण करा लिया. साथ ही, तालाब के किनारों को भी भर कर लोगों ने मकान व दुकान के अलावा अन्य निर्माण करवा लिया. अब इसका नतीजा है कि बरसात या तालाब भरने की स्थिति में आसपास रहनेवाले लोगों के घरों में तालाब का पानी घुस रहा है. घरों में पानी घुसने के कारण दर्जन भर मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं. अधिकतर लोगों ने अपने शौचालय व टंकी तालाब से सटे ही बनवाये हैं,
जो अब पूरी तरह से तालाब के पानी बहाव में ध्वस्त हो गये हैं. इतना ही नहीं शौचालयों की गंदगी तालाब के पानी में मिल रही है. वर्षों से इस तालाब की साफ-सफाई भी नहीं करायी गयी है. तालाब के पानी से दुर्गंध आने लगा है. इस कारण बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गयी है.
साढ़े पांच एकड़ में था तालाब :
खरखुरा-भलुआही तालाब 10 वर्ष पहले तक साढ़े पांच एकड़ में फैला था. यहां के लोग बताते हैं कि भरने पर पानी निकलने के लिए खरखुरा के तरफ से नाला था. बढ़ती आबादी के कारण आसपास के इलाके में अंधाधुंध मकान का निर्माण हुआ. मकान निर्माण के समय लोगों ने तालाब से पानी निकलने का रास्ता भी बंद कर दिया. उस समय किसी ने भी आगे का नहीं सोचा. तालाब में थोड़ा अधिक पानी होने पर घरों को नुकसान पहुंच है. अधिकतर मकानों की नींव कमजाेर हो गयी है. इधर, नगर निगम ने भी अतिक्रमण किये जाने वक्त कोई ध्यान नहीं दिया.
रोड पर भी जमा हो रहा नाले व तालाब का पानी
लोगों को कराना
होगा त्याग
शहर में कई जगहों पर अतिक्रमण कर मकान बना लिया गया है. इसके लिए नगर निगम लिस्ट बना कर सभी को नोटिस जारी कर रहा है. ऐसे शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए सभी में त्याग की भावना होनी चाहिए. आज अगर सभी लोग तय कर लें कि गलत नहीं करना है, तो व्यवस्था में काफी सुधार आ जायेगी. तालाब के मामले पर नगर निगम का ध्यान है. इसके लिए जल्द ही कोई सार्थक पहल की जायेगी.
विजय कुमार, नगर आयुक्त
खरखुरा भलुआही मुहल्ले में तालाब के पास अतिक्रमण.
घरों में घुसता है तालाब का पानी
तालाब का पानी घर में घुसने के कारण मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. रोड पर हर समय जलजमाव रहता है. इसकी शिकायत नगर आयुक्त व स्थानीय विधायक से की गयी, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया.
श्रीचंद तांती
तालाब भरने के बाद कई लोगों के शौचालयों की टंकी से पानी निकल कर लोगों के घरों तक पहुंच जाता है. थोड़ी बारिश होने के बाद घरों में पानी पहुंच जाता है. जाग कर रात गुजारनी पड़ती है. शांति देवी
जलजमाव से 50 से 60 घर तबाह हैं. नगर निगम व स्थानीय विधायक को पहल कर इसका निदान निकालना चाहिए. कुछ लोगों ने तालाब के पानी निकासीवाले नाले पर ही मकान बना लिया है, इससे सभी परेशान हैं.
लक्ष्मी देवी
साढ़े पांच एकड़ का तालाब महज एक-दाे एकड़ में सिमट कर रह गया है. तालाब के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरे मुहल्ले के लोग परेशान हैं. इसका स्थायी निदान निकलना चाहिए. राजेश कुमार उर्फ एडी
सब लोग हैं परेशान
तालाब का पानी रोड व घरों में पहुंच जाने के कारण लोग परेशान हैं. नगर विधायक डॉ प्रेम कुमार के संज्ञान में यह मामला दिया गया है. जितनी जमीन तालाब के बच रहे हैं, उसे बचाने के लिए सौंदर्यीकरण व पानी निकासी की व्यवस्था जरूरी है. नगर निगम स्टैंडिंग व बोर्ड की बैठक में इसे पारित कर दिया गया है. इसमें काम जल्द कराने का आदेश दिया जाना चाहिए.
जितेंद्र वर्मा, पार्षद, वार्ड-3
