गया : अादित्य सचदेवा हत्याकांड का चार्जशीट एक महीने के अंदर अदालत को सौंप िदया जायेगा. इस मामले में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आरोपितों को सजा दिलाने की कोशिश की जायेगी. शनिवार को आदित्य सचदेवा के परिजनों से मिलने पहुंचे जोनल आइजी नैयर हसनैन खां ने पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद इसकी जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि पुख्ता सबूत के साथ पुलिस अपना पक्ष अदालत में रखेगी और इसके लिए मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है. आइजी ने बताया कि सरकारी वकीलों (पीपी) की एक मजबूत टीम तैयार की जायेगी व हत्याकांड के आरोपितों को सजा दिलाने में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जायेगी.
इसके लिए डीएम को कहा गया है कि स्पीडी ट्रायल के लिए अनुशंसा कर इसकी इजाजत जिला एवं सत्र न्यायाधीश से ले ली जाये. साथ ही, स्ट्रांग प्रोसिक्यूशन के लिए भी टीम तैयार कर डिस्ट्रिक्ट जज से स्वीकृति लिये जाने को कहा गया है. आइजी ने बताया कि अब तक अनुसंधान कार्य संतोषजनक है और इस मामले में अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी गयी है.
इससे पहले आइजी, डीआइजी सौरभ कुमार व एसएसपी गरिमा मलिक ने आदित्य सचदेवा के पिता श्यामसुंदर सचदेवा व अन्य परिजनों से मिल कर उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ेगी और आदित्य के हत्यारों को सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास करेगी. उन्होंने अब तक की गयी पुलिसिया कार्रवाई से भी आदित्य के पिता को अवगत कराया. उन्हें हौसला रखने को कहा. इसके बाद आइजी ने डीआइजी कार्यालय में बैठक कर इस मामले के वांछित टेनी यादव व एमएलसी मनोरमा देवी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज करने को कहा. आइजी ने इस हत्याकांड से जुड़े सबूतों व गवाहों के साथ ही अनुसंधान रिपोर्ट को सावधानी से तैयार करने का भी निर्देश दिया है.
आदित्य हत्याकांड के मुख्य आरोपित रॉकी यादव को पूछताछ के बाद शनिवार को वापस गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया. रिमांड पर शुक्रवार को पुलिस ने रॉकी को जेल से बाहर निकाला था और पूछताछ के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया. हालांकि, कोर्ट से रॉकी को पुलिस रिमांड में 48 घंटे तक रखने की इजाजत मिली थी, पर इससे पहले ही पुलिस ने उसे वापस जेल भेज दिया. एसएसपी गरिमा मलिक ने बताया कि रॉकी के लिए तैयार प्रश्नों के जवाब पूरे होने व विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ के बाद उसे वापस जेल में पहुंचा दिया गया.
उन्होंने बताया कि रॉकी की स्वीकारोक्ति के आधार पर जांच-पड़ताल की जा रही है और केस डायरी के साथ ही पुलिस रिमांड के दौरान रॉकी से पूछे गये सवालों के जवाब भी अदालत को सौंप दिये जायेंगे. एसएसपी ने बताया कि रॉकी यादव अपने पूर्व के बयानों पर कायम रहा और अब उसे पुलिस रिमांड में रखने की जरूरत नहीं थी.
