गया: समाहरणालय में मंगलवार काे कृषि टास्क फाेर्स की बैठक हुई. इसमें डीएम कुमार रवि ने जिले में सिंचाई याेजना को तैयार करने से संबंधित कार्याें की समीक्षा की. इसमें जिला कृषि पदाधिकारी (डीएआे) सुदामा महतो ने बताया कि प्रदेश स्तर से आंकड़ाें काे इकट्ठा करने का दायित्व दिया गया. आंकड़े इकट्ठा भी कर लिये गये.
इन आंकड़ाें के आधार पर 2020 तक के लिए प्रखंडवार जल की जरूरत का आकलन किया गया है. डीएम के समक्ष भरे गये आंकड़ाें काे प्रस्तुत किया गया. आंकड़ाें काे देखने के बाद डीएम ने कुछ गलतियाें की आेर इंगित कर उसे सुधारने का निर्देश दिया. इस दौरान डीएम ने 20 मार्च तक सभी विभागाें से याेजना प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई याेजना के तहत जिले की याेजना सही व वास्तविक हाे, इसके लिए सभी संबद्ध विभाग प्रयास करेंगे. पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बारिश के पानी का संचय करने की जरूरत पर बल दिया गया.
बैठक में जैविक खेती का दायरा बढ़ाने पर चर्चा हुई. लघु जल सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि इस जिले में जीर्णाेद्धार की कुल 473 याेजनाएं बनायी गयी हैं. इसकी कुल लागत 741 कराेड़ रुपये हैं. इन याेजनाआें काे चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जायेगा. अभी लघु जल सिंचाई की 30 याेजनाएं चल रही हैं. इसमें 25 याेजनाएं पूरी कर ली गयी हैं. डीएम ने लघु सिंचाई के कार्यपालक अभियंता काे बिहार शताब्दी नलकूप याेजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया. समीक्षा बैठक में डीडीसी संजीव कुमार, वन सेवा के पदाधिकारी आलाेक कुमार, आत्मा के परियाेजना निदेशक आदि उपस्थित थे.
