एमयू पहले तत्परता दिखाता, तो नहीं होती किरकिरी

एमयू पहले तत्परता दिखाता, तो नहीं होती किरकिरीबीएड नामांकन को लेकर राजभवन के नये आदेश का छात्र समागम ने किया स्वागतसंवाददाता, गयामगध विश्वविद्यालय (एमयू) में बीएड नामांकन (सत्र 2015-17) के संबंध में राजभवन द्वारा जारी नये आदेश का छात्र समागम ने स्वागत किया है. छात्र समागम के मीडिया प्रभारी सह मगध विश्वविद्यालय प्रवक्ता आशीष नंदन […]

एमयू पहले तत्परता दिखाता, तो नहीं होती किरकिरीबीएड नामांकन को लेकर राजभवन के नये आदेश का छात्र समागम ने किया स्वागतसंवाददाता, गयामगध विश्वविद्यालय (एमयू) में बीएड नामांकन (सत्र 2015-17) के संबंध में राजभवन द्वारा जारी नये आदेश का छात्र समागम ने स्वागत किया है. छात्र समागम के मीडिया प्रभारी सह मगध विश्वविद्यालय प्रवक्ता आशीष नंदन कुमार ने बयान जारी कर कहा है कि राजभवन द्वारा दो सितंबर, 2015 को सभी विश्वविद्यालयों में बीएड नामांकन के संदर्भ में अधिसूचना जारी की गयी थी, जिसका अनुपालन मगध विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नहीं किया गया. बिना प्रवेश परीक्षा के ही निजी कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी. अब राजभवन द्वारा इस संदर्भ में पुन: जारी आदेश किये जाने के बाद एमयू प्रशासन हरकत में आयी और अब कमेटी गठित कर नामांकन की समीक्षा कराने की बात कही गयी है, जो सराहनीय कदम है. आशीष नंदन ने बताया कि छात्र समागम ने निजी बीएड कॉलेजों में हुए नामांकन को रद्द करते हुए संयुक्त जांच परीक्षा आयोजित कर नामांकन प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की थी. अगर एमयू प्रशासन पहले ही तत्परता दिखाता, तो आज उसकी किरकिरी नहीं होती. उन्होंने आरोप लगाया है कि निजी कॉलेजों द्वारा नामांकन के नाम पर विद्यार्थियों का आर्थिक शोषण किया जाता है. संयुक्त जांच परीक्षा से नामांकन होने पर बीएड शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहेगी.

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