परीक्षा के समय नहीं बाधित होगा क्लास

परीक्षा के समय नहीं बाधित होगा क्लासफाेटाे- गया कॉलेज में निर्माणाधीन परीक्षा भवन.फ्लैग – गया कॉलेज में दो करोड़ से बन रहा दो मंजिला परीक्षा भवन क्लास बाधित होने के कारण समय पर नहीं पूरा हो पाता है कोर्स नैक से ए-ग्रेड प्राप्त कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था में सुधार में आ रही दिक्कतसंवाददाता, गया गया […]

परीक्षा के समय नहीं बाधित होगा क्लासफाेटाे- गया कॉलेज में निर्माणाधीन परीक्षा भवन.फ्लैग – गया कॉलेज में दो करोड़ से बन रहा दो मंजिला परीक्षा भवन क्लास बाधित होने के कारण समय पर नहीं पूरा हो पाता है कोर्स नैक से ए-ग्रेड प्राप्त कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था में सुधार में आ रही दिक्कतसंवाददाता, गया गया कॉलेज में दो करोड़ रुपये से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दो मंजिला परीक्षा भवन का निर्माण कराया जा रहा है. भवन निर्माण के लिए बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राशि मुहैया करा दी गयी है. अब तक विभिन्न परीक्षाओं के समय कॉलेज में क्लास स्थगित कर दिया जाता है. लेकिन, नया परीक्षा भवन बनने के बाद कॉलेज प्रशासन को ऐसा नहीं करना होगा. गौरतलब है कि विभिन्न परीक्षाओं के कारण हर साल गया कॉलेज में सभी वर्गों के आधे क्लास बाधित हो जाते हैं. कोर्स पूरा कराने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा अतिरिक्त क्लास लगवाना पड़ता है. अलग परीक्षा भवन नहीं होने के कारण नैक से ए-ग्रेड प्राप्त इस कॉलेज में शिक्षा व्यवस्था में सुधार व विश्वविद्यालय के एकेडमी कैलेंडर काे शत-प्रतिशत लागू करना संभव नहीं हो पाता है. कॉलेज में इन परीक्षाओं के सेंटरगया कॉलेज में हर साल स्नातक, इंटर, मैट्रिक व विभिन्न वोकेशनल कोर्सों की परीक्षाओं के केंद्र (सेंटर) बनाये जाते हैं. इसके अलावा कॉलेज में इंजीनियरिंग, मेडिकल, रेलवे व बैंक के अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का सेंटर बनाया जाता है. परीक्षाओं के दौरान कॉलेज के मानविकी भवन, सीबी रमण भवन, साइंस व कॉमर्स बिल्डिंग में चलनेवाले क्लास बाधित हो जाते हैं. मैट्रिक परीक्षा के दौरान अधिक परेशानीगया कॉलेज प्रशासन को सबसे अधिक परेशानी मैट्रिक परीक्षा के समय होती है. इस परीक्षा के सेंटर के लिए जिला प्रशासन द्वारा कॉलेजों के भवनों को लिया जाता है. इस दौरान कॉलेज में क्लास के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य बाधित हो जाते हैं. मैट्रिक परीक्षा से पहले कॉलेज में इंटर की प्रायोगिक परीक्षाएं होती हैं. मैट्रिक परीक्षा के लिए भवनों को लिये जाने के कारण कॉलेज द्वारा समय पर बिहार विद्यालय समिति को इंटर के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक नहीं भेजे जाते हैं. इस दौरान कॉलेज के जरूरी कार्य प्राचार्य आवास में कैंप कार्यालय खोल कर निबटाया जाता है. साल के अंत तक बन जायेगा भवनसाल के अंत तक दो मंजिला परीक्षा भवन निर्माण पूरा हो जायेगा. इसके बाद परीक्षाओं के दौरान कॉलेज में किसी भी क्लास को सस्पेंड नहीं करना पड़ेगा. पुराना परीक्षा भवन काफी छोटा है, इस कारण यहां पर सिर्फ कार्यालय संबंधी कार्यों का ही निबटारा किया जाता है. डॉ शमसुल इसलाम, गया कॉलेज \\\\B

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