जर्जर छत : फाइलों से ज्यादा ऊपर ही नजर !

जर्जर छत : फाइलों से ज्यादा ऊपर ही नजर !कुछ ही दिन पहले टूट कर गिरा था प्लास्टर शिकायत के बाद भी नहीं लिया गया संज्ञानफोटो- रोहित कुमार 1,2 छत का टूटा प्लास्टरसंवाददाता, गयाजिला कल्याण कार्यालय जर्जर छत के नीचे चल रहा है. काम करनेवाले कर्मचारियों की निगाहें बरबस ऊपर चली जाती हैं कि न […]

जर्जर छत : फाइलों से ज्यादा ऊपर ही नजर !कुछ ही दिन पहले टूट कर गिरा था प्लास्टर शिकायत के बाद भी नहीं लिया गया संज्ञानफोटो- रोहित कुमार 1,2 छत का टूटा प्लास्टरसंवाददाता, गयाजिला कल्याण कार्यालय जर्जर छत के नीचे चल रहा है. काम करनेवाले कर्मचारियों की निगाहें बरबस ऊपर चली जाती हैं कि न जाने छत का कौन सा हिस्सा टूट कर नीचे गिर जाये ? यों कहें कि उनका ध्यान फाइलों से ज्यादा छत पर ही होता है, तो कोई गलत नहीं होगा. क्योंकि, अभी कुछ ही दिन पहले छत का प्लास्टर टूट कर गिरा था. संयोग था कि घटना रात में हुई थी और अगले दिन कर्मचारियों को पता चला. इसके बाद तो उनमें डर समाया हुआ है. कर्मचारियों का कहना है कि जिला कल्याण पदाधिकारी मृत्युंजय नारायण सिंह को इस बाबत सूचना दी गयी है, पर अब तक संज्ञान नहीं लिया गया है. कार्यालय में काम करनेवाले राजीव कुमार, राकेश कुमार रंजन व अन्य कर्मचारियों ने बताया कि कर्मचारी जर्जर छत के नीचे काम करने को मजबूर हैं. कर्मचारी डरे-सहमे रहते हैं. उन्होंने बताया कि कार्यालय में छात्र-छात्राओं का भी आना-जाना लगा रहता है. डर लगता है कि उनके साथ कहीं कोई हादसा न हो जाये.मिस्त्री से बात की गयी है, जल्द काम होगाजिला कल्याण पदाधिकारी मृत्युंजय नारायण सिंह ने बताया कि छत का प्लास्टर गिरने की सूचना मिली थी. मरम्मत के लिए मिस्त्री से बात की गयी है, जल्द ही उसकी मरम्मत करायी जायेगी.

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