एमयू के अंगीभूत कॉलेजों के शक्षिक करा सकेंगे पीएचडी

एमयू के अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षक करा सकेंगे पीएचडीयूजीसी ने केवल एमयू मुख्यालय व पीजी की पढ़ाई होनेवाले कॉलेजों के शिक्षकों को दिया था यह अधिकारएमयू के एकेडमिक कौंसिल ने लिया फैसलासंवाददाता, बोधगयामगध विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित सभी पीजी विभागों, एमयू के अंगीभूत कॉलेजों व अल्पसंख्यक कॉलेजों के शिक्षक भी पीएचडी कराने में सक्षम होंगे. अब […]

एमयू के अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षक करा सकेंगे पीएचडीयूजीसी ने केवल एमयू मुख्यालय व पीजी की पढ़ाई होनेवाले कॉलेजों के शिक्षकों को दिया था यह अधिकारएमयू के एकेडमिक कौंसिल ने लिया फैसलासंवाददाता, बोधगयामगध विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित सभी पीजी विभागों, एमयू के अंगीभूत कॉलेजों व अल्पसंख्यक कॉलेजों के शिक्षक भी पीएचडी कराने में सक्षम होंगे. अब उक्त कॉलेजों के अर्हता रखनेवाले सभी शिक्षकों के निर्देशन में छात्र-छात्राएं पीएचडी कोर्स कर सकेंगे. छात्र-छात्राओं को शोधकार्यों में दिशा-निर्देशन कर सकेंगे. इसकी अधिसूचना जारी करते हुए एमयू प्रशासन ने कहा है कि एमयू के एकेडमिक कौंसिल की 14 सितंबर की बैठक में उक्त निर्णय लिया गया है. इसमें कहा गया है कि पीएचडी कोर्स करनेवाले स्टूडेंट्स को निर्देशन करने की अर्हता रखनेवाले सभी शिक्षकों को सुपरवाइज करने का अधिकार है. उल्लेखनीय है कि इस बारे में यूजीसी ने पीएचडी कोर्स के संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा था कि सिर्फ स्नातकोत्तर की पढ़ाई होनेवाले विभागों व कॉलेजों के शिक्षक ही पीएचडी का निर्देशन कर सकेंगे. यूजीसी ने पीएचडी कोर्स वर्क व शोधपत्र से जुड़े अन्य निर्देश भी जारी किया था. इस बारे में एमयू के कुलसचिव डॉ सुशील कुमार सिंह ने बताया कि मगध विश्वविद्यालय मुख्यालय के साथ ही कई अंगीभूत कॉलेजों में भी पीजी की पढ़ाई होती है. यह भी कि पीजी की पढ़ाई नहीं करानेवाले कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को भी एमयू मुख्यालय में स्थानांतरण किया जाता है. उन्होंने बताया कि एमयू के साथ कई अंगीभूत व अल्पसंख्यक कॉलेज जुड़े हैं और यह केंद्रीय विश्वविद्यालय भी नहीं है. इस कारण एमयू के एकेडमिक कौंसिल ने सभी अंगीभूत व अल्पसंख्यक कॉलेजों के अर्हता रखनेवाले शिक्षकों को पीएचडी कोर्स का दिशा निर्देशन करने के अधिकार की स्वीकृति प्रदान कर दी है.साथ ही, इसके लिए कुछ नियम व शर्तें भी लागू की गयी हैं.

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