स्वेट शर्ट व विंटर टॉप की डिमांड फोटो- रोहित कुमार 01,2,3 फोटो नंबर 04 – मोहम्मद आदिल, मैनेजर, वी-टू शो रूम फ्लैग — सर्दी की दस्तक. लुढ़क रहा पारा, ठंड बढ़ने से गरम कपड़ों की मांग बढ़ीदिल्ली व कोलकाता से मंगवाये जा रहे गरम कपड़ेसंवाददाता, गयाछठ पर्व के बाद लगभग हर दिन पारा लुढ़क रहा है. इस कारण सुबह, शाम व रात में ठंड का अहसास होने लगा है. ठंड बढ़ने के कारण गरम कपड़ों की डिमांड भी बढ़ गयी है. शहर के जीबी रोड, केपी रोड, काशीनाथ मोड़ स्थित वी मार्ट व वी-टू सहित अन्य दुकानें व फुटपाथी दुकानों में गरम कपड़े बिकने शुरू हो गये हैं.दुकानदारों ने बताया कि छठ पर्व से ही ठंड बढ़ने से गरम कपड़ों की डिमांड बढ़ गयी है. ग्राहक भी आ रहे हैं. वी मार्ट के मैनेजर मोहम्मद आदिल, अमित साह व सचिन कुमार सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि गरम कपड़ाें में सबसे ज्यादा स्वेट शर्ट, लेडिज स्वेटर व विंटर टॉप की मांग बढ़ गयी है. ये कपड़ेे युवक व युवतियों की पहली पसंद हैं. उन्होंने बताया कि अब तक कई जोड़े स्वेट शर्ट व विंटर टॉप की बिक्री हो चुकी है. स्वेट शर्ट 445 से लेकर 749 रुपये व विंटर टॉप 395 से 949 रुपये के रेंज में मौजूद हैं. इसके अलावा स्वेटर, जैकेट, ड्री टॉप, ब्लेजर व ट्रैक सूट की बिक्री जोरों पर है. गरम कपड़ों के कई रेंज दुकानों में मौजूद हैं. दुकानदारों ने बताया कि ऊनी व गरम कपड़े दिल्ली व कोलकाता से मंगवाते हैं. इन दोनों जगहों के कपड़ाें की क्वालिटी अच्छी होती है.अच्छे कारोबार की उम्मीददुकानदारों ने बताया कि इस बार गरम कपड़ों का अच्छा बिजनेस हो सकता है, क्योंकि छठ पर्व से पहले से ही गरम कपड़ों की मांग बढ़ चुकी है. अलग-अलग रेंज व दाम के गरम कपड़ों को मंगवाया गया है. मंगवाये गये हैं स्टाइलिश कपड़ेतापमान में आ रही गिरावट से गरम कपड़ों की डिमांड बढ़ गयी है. दुकानदारों द्वारा नये-नये स्टाइलिश व ट्रेंडी कपड़े मंगवाये गये हैं, जो लोगों को लुभा रहे हैं. इस बार गरम कपड़ाें की अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है.मोहम्मद आदिल, मैनेजर, वी-टू \\\\B
स्वेट शर्ट व विंटर टॉप की डिमांड
स्वेट शर्ट व विंटर टॉप की डिमांड फोटो- रोहित कुमार 01,2,3 फोटो नंबर 04 – मोहम्मद आदिल, मैनेजर, वी-टू शो रूम फ्लैग — सर्दी की दस्तक. लुढ़क रहा पारा, ठंड बढ़ने से गरम कपड़ों की मांग बढ़ीदिल्ली व कोलकाता से मंगवाये जा रहे गरम कपड़ेसंवाददाता, गयाछठ पर्व के बाद लगभग हर दिन पारा लुढ़क रहा […]
