मगध मेडिकल से मरीज ले जाने के लिए सक्रिय रहते हैं दलाल !

गया : मगध मेडिकल में हर दिन एक हजार से अधिक मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं. करीब 100 मरीज यहां 12 विभागों में भर्ती होते हैं. अस्पताल में सबसे अधिक मरीज गाइनो, हड्डी रोग, मेडिसिन व सर्जरी विभाग के रहते हैं. दिन-रात अस्पताल में मरीज को अपने प्राइवेट क्लिनिक व अस्पताल में ले […]

गया : मगध मेडिकल में हर दिन एक हजार से अधिक मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं. करीब 100 मरीज यहां 12 विभागों में भर्ती होते हैं. अस्पताल में सबसे अधिक मरीज गाइनो, हड्डी रोग, मेडिसिन व सर्जरी विभाग के रहते हैं. दिन-रात अस्पताल में मरीज को अपने प्राइवेट क्लिनिक व अस्पताल में ले जाने के लिए दलाल भी सक्रिय रहते हैं.

अस्पताल सूत्रों की बात पर विश्वास करें, तो दलालों को सहयोग यहां के कर्मचारी भी करते हैं. गांव-देहात से यहां अधिक मरीज आते हैं. उन्हें मरीज को ठीक करने की जल्दी रहती है. इस कारण मरीज के परिजन किसी के बहकावे में आ जाते हैं. हालांकि, दलालों से सावधान रहने के लिए हर जगह अस्पताल प्रशासन ने बोर्ड लगा रखा है.
इसके बाद भी दलाल अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं. ताज्जुब की बात है कि मगध मेडिकल अस्पताल के डॉक्टर ही उन प्राइवेट अस्पतालों में जाकर मरीज का इलाज भी करते हैं. अस्पताल प्रशासन ने इस बार इन पर अंकुश लगाने के लिए कई स्तर पर काम करने की योजना बनाया है. दलालों के चिह्नित होने पर केस दर्ज कराना, दलालों के सहयोग करनेवाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करना शामिल है.
सही जानकारी नहीं होना भी दलालों की है कामयाबी अस्पताल में मरीजों के लिए कई जांच मुफ्त, तो कुछ जांच को पीपीपी मोड पर बाजार से कम रेट में व्यवस्था कर दी जाती है. अस्पताल में मरीज व उनके परिजन से कोई कर्मचारी ढंग से बात भी नहीं करता. इस कारण उन्हें सही जानकारी नहीं मिल पाती है. मरीज को ठीक करने की जल्दबाजी में दलालों के बात को परिजन मान लेते हैं.
मरीज को समझाया जाता है उल्टा-सीधा वार्डों में दलाल यहां पहुंच कर मरीज से घुल-मिल जाते हैं और उन्हें अस्पताल में ढंग से इलाज नहीं होने की बात बार-बार कहते हैं. मरीज को दलाल यह भी कहते हैं कि मरीज की जान बचानी है, तो इलाज प्राइवेट में कराना होगा. यहां लापरवाही से मरीज का इलाज होता है. कुछ समझदार लोग उनके चंगुल में नहीं फंसते हैं.
लेकिन, जिन्हें सारी चीज की जानकारी नहीं होती, वे दलाल के चंगुल में आसानी से फंस जाते हैं. दलाल यहां से मरीज को प्राइवेट अस्पताल में ले जाने से पहले उन्हें कम पैसों में बेहतर सुविधा देने की बात करते हैं. प्राइवेट में पहुंचने पर मरीजों के साथ दोहन-शोषण किया जाता है. इस तरह के ज्यादातर अस्पताल मगध मेडिकल के आसपास ही है.

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