आइएएस छोड़ आइपीएस को ज्वाइन किया सागर ने

गया : यूपीएससी 2018 की परीक्षा में देश में 13 वां रैंक प्राप्त करनेवाले सागर कुमार ने 23 दिसंबर को गया में बतौर प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी के रूप में ज्वाइन किया है. अपनी मिट्टी के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखनेवाले सागर पूर्वी बिहार के ही रहनेवाले हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा कटिहार में हुई. […]

गया : यूपीएससी 2018 की परीक्षा में देश में 13 वां रैंक प्राप्त करनेवाले सागर कुमार ने 23 दिसंबर को गया में बतौर प्रशिक्षु आइपीएस अधिकारी के रूप में ज्वाइन किया है. अपनी मिट्टी के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखनेवाले सागर पूर्वी बिहार के ही रहनेवाले हैं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा कटिहार में हुई.

लेकिन, उन्होंने डीएवी धनबाद से मैट्रिक व डीपीएस रांची से प्लस टू की पढ़ाई पूरी की. 2011 में जेईई मेंस क्वालिफाई करने के बाद उन्होंने आइआइटी बीएचयू (वाराणसी) में नामांकन लिया और 2015 में पढ़ाई पूरी करने के बाद 2016 में सैमसंग रिसर्च बैगंलौर में बतौर इंजीनियर के पद पर पहली नौकरी ज्वाइन की. अच्छा पैकेज मिलने के बाद भी सागर अपने जीवन से खुश नहीं थे.
अंदर ही अंदर उन्हें ऐसा लगता था कि ऐसी नौकरी करने से क्या फायदा, जो सिर्फ अपने लिए जिया जाये. सागर बताते हैं कि जीवन तभी सफल है, जब दूसरे के दु:ख व दर्द को समझते हुए अपने सूबे में कुछ किया जाये. इसी सोच के साथ सिर्फ छह माह ही उन्होंने नौकरी की और उसे इस्तीफा देकर सर्विस कमीशन से संबंधित परीक्षाओं की तैयारी में नयी दिल्ली स्थित राजेंद्र नगर आ गये.
जोश व जज्बे से भरे सागर ने 2016 में पारा मिलिटरी फोर्स से संबंधित सशस्त्र सीमा बल की परीक्षा में ऑल इंडिया में टॉप किया. उन्हें अच्छा पद मिल जाता. इसके बावजूद उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी थी. सशस्त्र सीमा बल में ट्रेनिंग पर जाने ही वाले थे कि यूपीएससी का रिजल्ट आ गया. देश में 13 वां रैंक मिला. वह सीधे आइएएस ज्वाइन कर सकते थे. लेकिन, उन्होंने आइपीएस की नौकरी को पसंद किया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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