महिला ने दिग्घी तालाब में कूद कर दी जान

गया : कई लोग बुधवार की सुबह करीब 11 बजे दिग्घी तालाब के किनारे बने बेंच (कमिश्नर कार्यालय के सामने) पर बैठे थे. इसके साथ ही कई मजदूर तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर चल रही योजना में काम कर रहे थे. इसी बीच एक वृद्ध महिला वहां पहुंची और सभी को एक डंडे से डरा […]

गया : कई लोग बुधवार की सुबह करीब 11 बजे दिग्घी तालाब के किनारे बने बेंच (कमिश्नर कार्यालय के सामने) पर बैठे थे. इसके साथ ही कई मजदूर तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर चल रही योजना में काम कर रहे थे. इसी बीच एक वृद्ध महिला वहां पहुंची और सभी को एक डंडे से डरा दिया.

सभी लोग डर कर किनारे हो गये और इसी बीच महिला ने तालाब में छलांग लगा दी. कुछ लोगों ने महिला के छलांग लगाने का वीडियो बनाया, तो किसी ने वहां खड़े रह कर सिर्फ तमाशा देखा. छलांग लगाने के कुछ देर बाद ही महिला की जान चली गयी.
महिला की पहचान मखलौटगंज के रहनेवाले शिवलला प्रसाद की 80 वर्षीय पत्नी जसमती देवी के रूप में की गयी है. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा कर मृतका के बेटे राजेश को सौंप दिया. परिजन व पुलिस दोनों ही महिला को मानसिक विक्षिप्त बता रहे हैं.
वहां काम कर रहे मजदूर ने बताया कि उसके सामने ही महिला ने तालाब में छलांग लगायी. उसे तैरना नहीं आता, इसलिए वह उसे नहीं बचा सका. वहां मौजूद रहे लोगों में से भी किसी ने महिला को बचाने का थोड़ा प्रयास भी नहीं किया. कोई प्रयास करता, तो शायद महिला को बचाया जा सकता था.
किस ओर जा रहा समाज
अक्सर यह देखा जाता है कि किसी तरह की घटना होने के बाद अधिकतर लोग मोबाइल से घटना का वीडियो बनाने या फोटोग्राफी करने लगते हैं. बहुत कम या यूं कहें कि कोई भी पीड़ित की मदद के लिए सामने नहीं आते हैं. घटना के बाद अगर लोग मदद करने को तैयार हो जायें, तो बहुत से मामलों में पीड़ित की जान बचायी जा सकती है. अधिकतर लोग घटना के समय का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल कर अपनी जिम्मेदारी पूरी करना मानते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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